Chhattisgarh Paddy Procurement 2026: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों के लिए खुलेंगे 360 नए केंद्र

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। इस बार धान खरीदी के सीजन में राज्य के किसानों को पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलने जा रही हैं। इस बात का आधिकारिक ऐलान प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया है। कृषि मंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्यभर में धान खरीदी का यह अभियान आगामी 15 नवंबर से शुरू हो जाएगा। अब तक देखने में आता था कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए खरीदी केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था और टोकन प्राप्त करने के वास्ते भारी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। इन तमाम परेशानियों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने इस बार पूरे प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों का समय बचेगा और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, पिछली व्यवस्था की तरह इस बार भी किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल के तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, पंजीयन प्रक्रिया को बनाया गया बेहद सरल
कृषक उन्नति योजना और धान खरीदी से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का जिक्र करते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के इन जनहितैषी कदमों से प्रदेश के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा। तय नियमों के मुताबिक प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये के समर्थन मूल्य पर की जाएगी। किसानों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखते हुए इस बार रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) की प्रक्रिया को भी बेहद आसान बना दिया गया है। जिन किसानों ने पिछले साल अपना पंजीयन करा लिया था, उन्हें इस बार दोबारा नए सिरे से पंजीकरण कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी, उन्हें इस प्रक्रिया से पूरी तरह छूट दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार के इन किसान-हितैषी और ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना करते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि इन कदमों से राज्य के ग्रामीण अंचलों और किसानों के जीवन में समृद्धि का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।
एग्रीस्टेक पोर्टल और डिजिटल सर्वे से जुड़ी अहम जानकारियां, बायोमेट्रिक आधारित होगी धान की बिक्री
पंजीकरण और तकनीकी व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि ‘एग्रीस्टेक’ (AgriStack) पर रजिस्ट्रेशन होने के कारण अब किसानों को अपनी धान की फसल बेचने के लिए समिति में बार-बार ऋण पुस्तिका ले जाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे की अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से अब धान के रकबे का ऑनलाइन सत्यापन और निर्धारण पूरी तरह डिजिटल रूप से सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि बिचौलियों के बजाय केवल वास्तविक और पात्र किसानों से ही धान की खरीद हो, जिसके लिए इस बार ‘बायोमेट्रिक आधारित’ धान खरीदी प्रणाली लागू की जा रही है। किसानों को सुगम और पारदर्शी व्यवस्था देने के वास्ते प्रदेश में 360 नए केंद्र जुड़ने के बाद अब कुल 3100 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। समितियों में किसानों के लिए तमाम जरूरी और चाक-चौबंद व्यवस्थाएं करने के कड़े निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।





