ब्रेकिंग
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से सामने आया अजीबोगरीब मामला, चौराहे पर पुरुष कपड़े बदलकर पहनते दिखे सा... UP MLC Chunav Update: वाराणसी में सपा प्रत्याशी की भारी बढ़त के बीच जबरदस्त सियासी घमासान, बीजेपी के... Koffee with Karan Season 9: जान्हवी कपूर ने शो में की शिखर पहाड़िया संग शादी की प्लानिंग पर बात, वीर... Karwa Chauth 2026 Shubh Yog: करवा चौथ पर बना अद्भुत ज्योतिषीय संयोग, रोहिणी नक्षत्र और राजयोग से इन ... World Stroke Day Special: अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है ब्रेन स्ट्रोक, जानें इसके शुरुआती ... Delhi NCR Weather Today: चक्रवात 'अर्नब' के असर से दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह झमाझम बारिश, यूपी से ... Meerut Jail News: पति की हत्या के जुर्म में फांसी की सजा काट रहीं मुस्कान और रविता समेत तीन महिला कै... Bijnor Crime News: हिंदू बनकर 7 साल तक युवती से लिव-इन में रहा सलमान, तीन बच्चे होने पर शादी से इनका... राजस्थान प्रशासनिक सेवा में बड़ा भूचाल, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और एसीएस शिखर अग्रवाल एपीओ (APO) किए गए Delhi CM Rekha Gupta Interaction: तमिलनाडु से दिल्ली आए युवा संगम प्रतिनिधिमंडल से मिलीं सीएम रेखा ग...
विदेश

US Nuclear Lab Fire Emergency: अमेरिका के सवाना रिवर न्यूक्लियर सेंटर की लैब में लगी भीषण आग, प्लांट में घोषित करनी पड़ी इमरजेंसी

साउथ कैरोलिना: संयुक्त राज्य अमेरिका के साउथ कैरोलिना राज्य से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां ऐकेन शहर के नजदीक स्थित प्रतिष्ठित ‘सवाना रिवर साइट’ (SRS) परिसर के भीतर बनी सवाना रिवर नेशनल लेबोरेटरी की एक प्रयोगशाला में अचानक आग भड़क उठी। इस खतरनाक घटना के बाद न्यूक्लियर सेंटर प्रशासन की तरफ से तुरंत प्रभाव से आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दी गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा शाम को 5 बजकर 39 मिनट पर हुआ, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा अमले ने मोर्चा संभालते हुए आपातकालीन कार्रवाई शुरू कर दी। कड़ी मशक्कत के बाद लगभग दो घंटे के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटनाग्रस्त इमारत के बाहरी परिसर में किसी भी प्रकार का रेडियोधर्मी (रेडियोएक्टिव) मटेरियल फैलने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सुरक्षा के एहतियाती कदमों के तहत केंद्र के सभी प्रवेश द्वारों को तत्काल बंद कर दिया गया है और बाहर से आने वाले वाहनों के आवागमन पर पूरी रोक लगा दी गई है।

परमाणु केंद्र के आसपास के सभी परिवहन मार्ग बंद, कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश

इस गंभीर दुर्घटना के मद्देनजर लैब के आसपास रेल मार्ग, जलमार्ग (नदी) और हवाई रास्तों से होने वाली आवाजाही पर भी कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रभावित जोन में मौजूद जिन कर्मचारियों की तत्काल आवश्यकता आग बुझाने या प्लांट को सुरक्षित तरीके से बंद करने के कार्यों में नहीं थी, उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी-अपनी जगहों पर ही सुरक्षित बने रहें। केंद्र के उच्च अधिकारी स्थिति पर पूरी पैनी नजर बनाए हुए हैं और हालात को सामान्य करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य और स्थानीय स्तर की तमाम संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को भी इस घटना से तुरंत अवगत करा दिया गया है। स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और रेडियो तथा टेलीविजन के माध्यम से प्रसारित होने वाली आधिकारिक जानकारियों से अपडेट रहें।

पिछले 75 वर्षों से अमेरिकी परमाणु हथियार कार्यक्रम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र रहा है सवाना रिवर साइट

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सवाना रिवर साइट अमेरिका के सामरिक परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा और संवेदनशील केंद्र है। इस केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह संस्थान पिछले 75 वर्षों से भी अधिक समय से अमेरिकी सेना के रणनीतिक सुरक्षा मिशनों को मजबूती प्रदान करता आ रहा है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत इस केंद्र में मुख्य रूप से खतरनाक परमाणु सामग्रियों और रेडियोधर्मी कचरे के सुरक्षित प्रबंधन का कार्य किया जाता है। इसके अलावा, पर्यावरण को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए यहां नियमित रूप से सफाई और रखरखाव के कार्य भी संपन्न किए जाते हैं।

1950 के दशक में हुआ था इस न्यूक्लियर सेंटर का निर्माण, प्लूटोनियम और ट्रिटियम उत्पादन से रहा है पुराना नाता

परमाणु केंद्र के दस्तावेजों के मुताबिक, कामगारों, आम नागरिकों और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ देश की रक्षा करना इसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस सामरिक केंद्र का निर्माण कार्य 1950 के दशक में शुरू किया गया था। उस शुरुआती दौर में यहां कुल पांच परमाणु रिएक्टरों की स्थापना की गई थी। इन रिएक्टरों का मुख्य उपयोग परमाणु हथियारों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अति संवेदनशील पदार्थों, विशेष रूप से ट्रिटियम और प्लूटोनियम-239 को तैयार करने के लिए किया जाता था। इसके अतिरिक्त, रासायनिक पदार्थों को पृथक् करने के लिए दो बड़े संयंत्रों समेत कई अन्य महत्वपूर्ण सहायक इकाइयों का निर्माण भी इस परिसर में किया गया था।

Related Articles

Back to top button