Diarrhea Diet Tips: डायरिया और दस्त की समस्या से हैं परेशान? तेजी से रिकवरी के लिए एक्सपर्ट द्वारा बताए गए ये 5 बेस्ट फूड्स करें ट्राई

नई दिल्ली: आमतौर पर डायरिया की समस्या शरीर में दूषित पानी या दूषित भोजन के सेवन से बैक्टीरिया के प्रवेश करने के कारण उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त, कई बार किसी खास खाद्य पदार्थ से एलर्जी, जैसे कि लैक्टोज इंटॉलरेंस की स्थिति में भी दस्त की शिकायत हो जाती है और डायरिया जैसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, कुछ लोगों को पाचन तंत्र से जुड़े विकार जैसे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) होने पर तथा एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से आंतों के मित्र बैक्टीरिया (गुड बैक्टीरिया) प्रभावित होने की वजह से भी दस्त और डायरिया का सामना करना पड़ सकता है। इस स्वास्थ्य समस्या से तेजी से उबरने के लिए सबसे आवश्यक है कि आप उचित उपचार के साथ-साथ अपने दैनिक खानपान पर विशेष ध्यान दें।
पाचन तंत्र कमजोर होने पर डाइट में शामिल करें हल्का और आसानी से पचने वाला फाइबर युक्त भोजन
डायरिया की स्थिति उत्पन्न होने पर हमेशा ऐसा हल्का भोजन करना चाहिए जो शरीर द्वारा आसानी से पच जाए, क्योंकि इस दौरान पाचन क्रिया काफी कमजोर हो जाती है। इसके साथ ही, इन खाद्य पदार्थों में उचित मात्रा में फाइबर भी होना चाहिए ताकि आंतों (गट) को पर्याप्त सपोर्ट मिल सके। प्रसिद्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डायरिया के दौरान पेट के स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतरीन माने जाने वाले कुछ खास आहारों की सूची साझा की है, आइए उनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार डायरिया में केला खाना है बेहद फायदेमंद और गुणकारी
विशेषज्ञों के अनुसार, दस्त या डायरिया की चपेट में आने पर केला खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। केले में घुलनशील (सॉल्युबल) फाइबर पाया जाता है, विशेष रूप से इसमें पेक्टिन की मात्रा होती है जो ढीले मल (लूज स्टूल) को बांधने और उसे आकार देने में सहायता प्रदान करता है। इसके अलावा, केला शरीर को आवश्यक पोटेशियम भी प्रचुर मात्रा में प्रदान करता है।
सादा चावल का सेवन भी पेट के लिए है सुरक्षित और सुपाच्य विकल्प
यदि किसी व्यक्ति को डायरिया या दस्त की समस्या हो गई है, तो उसके लिए सादा चावल खाना भी एक उत्तम विकल्प माना जाता है। इसमें फाइबर की मात्रा कम होती है, परंतु यह पेट में बहुत आसानी से पच जाता है। इसी विशेषता के कारण यह संवेदनशील या इरिटेटेड गट के लिए आटे से बनी चीजों की तुलना में कहीं अधिक हल्का और आरामदायक साबित होता है।
दही का सेवन कर सकता है गट माइक्रोबायोम को मजबूत, चीनी और आर्टिफिशियल स्वीटनर से बनाएं दूरी
डायरिया की समस्या होने पर अपनी डाइट में दही को जरूर शामिल करना चाहिए। यह प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है। हालांकि, यदि आपको किसी भी प्रकार के डेयरी उत्पादों से शारीरिक परेशानी या एलर्जी होती है, तो इसका सेवन करने से बचें। सादे दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के माइक्रोबायोम को बेहतर सहायता प्रदान कर सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दही में भूलकर भी चीनी न मिलाएं और न ही बाजार में मिलने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर वाले दही का सेवन करें।
नारियल पानी शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखने और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए है कारगर
विशेषज्ञों द्वारा चौथी महत्वपूर्ण चीज नारियल पानी को बताया गया है। नारियल पानी शरीर में नमी यानी हाइड्रेशन के स्तर को संतुलित बनाए रखता है और साथ ही शरीर को जरूरी पोटेशियम भी मुहैया कराता है। यह डायरिया के दौरान शरीर में कम हुए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पुनः पूरा करने में सहायता करता है। हालांकि, यदि डायरिया की स्थिति बहुत अधिक गंभीर है, तो इसे ओआरएस (ORS) का पूर्ण विकल्प नहीं समझना चाहिए।
मूंग दाल की खिचड़ी देती है कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन, पेट पर नहीं डालती अतिरिक्त दबाव
डायरिया के मरीजों के लिए पांचवां सबसे बेहतरीन भोजन मुलायम खिचड़ी को माना गया है। मूंग की पीली दाल और चावल से तैयार यह सादी खिचड़ी शरीर को एक साथ कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन दोनों पोषक तत्व प्रदान करती है। इसके साथ ही, यह आसानी से पच जाने के कारण आपकी आंतों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त दबाव या तनाव नहीं डालती है।
दस्त की समस्या पूरी तरह ठीक होने तक इन चीजों के सेवन से पूरी तरह करें परहेज
दस्त की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को इलेक्ट्रोलाइट और फाइबरयुक्त हल्के खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए ताकि वह जल्दी रिकवर हो सके, लेकिन इसके साथ ही कुछ खास चीजों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। जब तक दस्त के सभी लक्षण पूरी तरह से समाप्त न हो जाएं, तब तक किसी भी प्रकार का तला-भुना, अत्यधिक तैलीय और मसालेदार भोजन खाने से पूरी तरह बचना चाहिए।





