ब्रेकिंग
HPCL Refinery Fire Visakhapatnam: विशाखापत्तनम में एचपीसीएल रिफाइनरी के प्लांट में लगी भीषण आग, तेज ... Delhi High Court on BS4 Vehicle Ban: दिल्ली में बाहरी राज्यों की BS-4 गाड़ियों के प्रवेश पर रोक बरकर... Tiger Shroff House Firing Case Arrest: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफल... पश्चिम बंगाल में दामोदर नदी में नहाने गए 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र की डूबकर मौत, मछली पकड़ने वाले ... Aaj Ka Mausam : चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का दक्षिण भारत में तांडव, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई र... Pauri Garhwal Elephant Tusks Missing Case: उत्तराखंड के वन विभाग कार्यालय से 35 किलो हाथी दांत गायब,... Jalaun Lawyer Murder Case Jalaun: उत्तर प्रदेश के जालौन में कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहि... Delhi Police ACP Manasvi Vashisht Suspended: कड़कड़डूमा कोर्ट विवाद और पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्... Tap and Pay Debit Credit Card Security: क्या जेब में रखे कार्ड से कोई निकाल सकता है पैसे? जानिए कैसे... Indian Navy Rescue Operation Arabian Sea: अरब सागर में भारतीय नौसेना का बड़ा पराक्रम, सोमालियाई लुटे...
विदेश

US Airstrike on Iran Qeshm Island: मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर की बमबारी, दो ड्रोन मार गिराने का दावा

वाशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाले महत्वपूर्ण मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले एक बड़ी सैन्य कार्रवाई सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से अहम केशम द्वीप पर बमबारी की है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक ड्रोन हमला था, जिसके जवाब में ईरानी सुरक्षा बलों की ओर से भी त्वरित प्रतिक्रिया दी गई है। ईरानी मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, केशम द्वीप और उसके आसपास के इलाकों में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थित है केशम द्वीप, अमेरिकी मीडिया के मुताबिक गुप्त और छोटे पैमाने पर की गई है यह सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा केशम द्वीप पर यह हमला किया गया है, जो कि बेहद संवेदनशील ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) के पास स्थित है। जानकारों का कहना है कि यह हमला हाल के हफ्तों में वाशिंगटन द्वारा किए गए सीमित हमलों की शृंखला का ही हिस्सा है। इन हमलों को जानबूझकर छोटे पैमाने पर रखा गया है और इन्हें पूरी तरह गुप्त रखा गया है, ताकि ईरान के खिलाफ किसी भी बड़े पूर्णकालिक सैन्य अभियान को फिर से शुरू करने का कोई संकेत न मिले। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से इन ताजा हमलों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

ईरान का बड़ा दावा— इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिका के दो ड्रोन किए नष्ट

इस अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की तरफ से एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज दावा किया गया है। आईआरजीसी का कहना है कि ईरानी बलों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में केशम द्वीप के दक्षिण क्षेत्र में अमेरिका के दो ड्रोन विमानों को मार गिराया है। ईरानी वायुसेना (एयरोस्पेस फोर्स) ने इन दोनों ‘MQM-170’ ड्रोन के खिलाफ अपने उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। इस ताजा घटना के साथ ही ईरानी बलों द्वारा पकड़े या गिराए गए अमेरिकी ड्रोनों की कुल संख्या अब चार हो गई है।

एक तरफ कतर की मध्यस्थता से चल रही है कूटनीतिक बातचीत, तो दूसरी तरफ सैन्य संघर्ष की घटनाएं बढ़ा रही हैं चिंता

यह ताजा सैन्य टकराव ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष रूप से राजनयिक और कूटनीतिक बातचीत का दौर भी जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने हाल ही में पुष्टि की थी कि दोनों देश विभिन्न क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से एक-दूसरे तक संदेश पहुंचा रहे हैं। इसके लिए ईरानी उप विदेश मंत्री ने कतर की मध्यस्थता के तहत कूटनीतिक वार्ताओं को आगे बढ़ाने के सिलसिले में दोहा का दौरा भी किया था। गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के ठिकानों पर हमले किए गए थे, जिसके बाद अप्रैल में कुछ समय के लिए सीजफायर भी हुआ था, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और नौवहन के मुद्दों पर असहमति के कारण तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है।

Related Articles

Back to top button