Nepal Dolpa Jail Break: नेपाल के डोल्पा जिला जेल में बड़ा सुरक्षा हादसा, सुरंग खोदकर भागे रेप और चोरी के 8 कैदी

डोल्पा: नेपाल के डोल्पा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। डोल्पा जिला जेल की कुल क्षमता 150 कैदियों की है, जिसमें 50 महिलाओं और 100 पुरुषों के रहने का प्रबंध है। इस जेल में कुल 17 कैदी बंद थे और उनकी चौकसी के लिए भारी-भरकम 15 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, यानी लगभग हर कैदी के मुकाबले एक सुरक्षा गार्ड मौजूद था। इसके बावजूद, गत 31 अक्टूबर की सुबह 8 कैदी चुपचाप सुरंग खोदकर जेल से फरार होने में कामयाब हो गए। इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच 4 मीटर लंबी सुरंग बनाकर कैदियों के भाग निकलने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
फरार होने वाले 8 कैदियों में गंभीर अपराधों के आरोपी शामिल, 5 पर दुष्कर्म और 3 पर दर्ज हैं चोरी के मामले
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेल से फरार हुए इन 8 कैदियों में से 5 के खिलाफ दुष्कर्म (रेप) जैसे गंभीर आरोप हैं, जबकि बाकी 3 कैदियों पर चोरी के मामले दर्ज हैं। इनमें से 2 कैदी विचाराधीन (अंडरट्रायल) हैं जो हाल ही में जेल लाए गए थे, जबकि शेष अन्य कैदियों को न्यायालय द्वारा 1 से 12 वर्ष तक की सजा सुनाई जा चुकी है। जेलर दीर्घराज आरसी के मुताबिक, फरार होने वाले कैदियों में कालीप्रसाद रोकाया (29 वर्ष, त्रिपुरासुंदरी-डोल्पा), धनबहादुर उर्फ हरिबहादुर बुडा (28 वर्ष, त्रिपुरासुंदरी-डोल्पा), यज्ञ बिक (25 वर्ष, बारेकोट-जाजरकोट), कैलाश उर्फ कपिल परियार (19 वर्ष, नलगाड-जाजरकोट), तिलक भंडारी (38 वर्ष, अथबिस्कोट-रुकुम पश्चिम), रामबहादुर कामी (32 वर्ष, अथबिस्कोट-रुकुम पश्चिम), निशान उर्फ आदेश भंडारी (32 वर्ष, अथबिस्कोट-रुकुम पश्चिम) और रेशम राणा (28 वर्ष, कुमाख-सल्यान) शामिल हैं।
सोने की जगह सीधे सेप्टिक टैंक से जुड़ी हुई थी, शातिर कैदियों ने गुप्त तरीके से तैयार किया सुरंग का रास्ता
हैरानी की बात यह है कि 15 सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद कैदियों ने बेहद शातिर तरीके से सुरंग को अंजाम दिया। जेलर आरसी ने खुलासा किया कि शनिवार की सुबह करीब 5:45 बजे जब नियमित तलाशी ली जा रही थी, तब इस फरार होने की घटना का पता चला। कैदियों के सोने की जगह सीधे तौर पर सेप्टिक टैंक से जुड़ी हुई थी, और उन्होंने उसी स्थान से 4 मीटर लंबी सुरंग खोदकर दीवार के पार बाहर निकलने का रास्ता बना लिया। जेल के भीतर इस समय 9 अन्य कैदी अभी भी सुरक्षित मौजूद हैं।
रात के वक्त बारिश, बिजली गुल होने और ठंड का फायदा उठाकर कैदियों ने दिया घटना को अंजाम
जेल के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी कि जेल के अंदर इतनी बड़ी सुरंग खोदी जा रही है। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए जेलर ने बताया कि उस रात इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी, बिजली भी गुल थी और कड़ाके की ठंड पड़ रही थी, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। कैदियों ने अपनी बैरक के बीच से यह सुरंग खोदी थी और बैरक की दीवार काफी ऊंची (लगभग 20-21 फीट) होने के कारण रात के अंधेरे में नीचे से कुछ भी संदिग्ध दिखाई नहीं दे रहा था। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन फरार कैदियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहा है।





