Delhi Police Notice to Bihar Congress: पीएम मोदी के विवादित एआई वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन, सदाकत आश्रम में चस्पा किया नोटिस

पटना: देश की राजधानी दिल्ली से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट के संवेदनशील मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) ने पिछले वर्ष दर्ज की गई एक प्राथमिकी (FIR) के सिलसिले में बिहार कांग्रेस के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों को आधिकारिक नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। रविवार के रोज दिल्ली पुलिस की टीम ने पटना स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य कार्यालय ‘सदाकत आश्रम’ पहुंचकर यह नोटिस गेट पर विधिवत चस्पा कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने की नोटिस मिलने की पुष्टि, 5 नवंबर को दिल्ली पुलिस के समक्ष पेश होने का दिया गया निर्देश
बिहार प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि पार्टी के आईटी सेल से जुड़े एक पदाधिकारी को यह नोटिस भेजा गया है। जारी किए गए निर्देश के अनुसार, संबंधित पदाधिकारी को आगामी 5 नवंबर को दिन के 11 बजे दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की ‘काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट’ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मीडिया को जानकारी दी कि पार्टी इस कानूनी नोटिस और पूरे मामले को लेकर गंभीरता से विचार-विमर्श कर रही है और आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।
मोबाइल नंबर और सिम कार्ड के ब्योरे के साथ एक्स (X) हैंडल के संचालन से जुड़ी जानकारियां भी की गई हैं तलब
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के जिस पदाधिकारी को यह नोटिस जारी किया है, उनका वह मोबाइल नंबर पार्टी की राज्य इकाई के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के साथ पंजीकृत है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 94 के प्रावधानों के तहत जारी किए गए इस नोटिस में उपयोग किए जा रहे सिम कार्ड और उस एक्स हैंडल के संचालन से जुड़ी तमाम तकनीकी जानकारियां मांगी गई हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने उन सभी मोबाइल हैंडसेट का पूरा ब्योरा भी तलब किया है जिनमें इस विशेष सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था।
पिछले साल दर्ज एफआईआर से जुड़ा है पूरा मामला, जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स मांगे गए
यह पूरा कानूनी मामला पिछले वर्ष दर्ज की गई एक एफआईआर से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत दिल्ली पुलिस इस विवादित सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन और उससे जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की तकनीकी और वैधानिक जांच कर रही है। पुलिस ने बिहार प्रदेश कांग्रेस से यह भी मांग की है कि वे 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 के बीच इस आधिकारिक हैंडल को ऑपरेट करने वाले अधिकृत व्यक्तियों की स्पष्ट सूची और उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) उपलब्ध कराएं।
पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माता से जुड़े विवादित एआई वीडियो को पोस्ट करने का है गंभीर आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह नोटिस पिछले साल 13 सितंबर को दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज की गई एक प्राथमिकी के सिलसिले में दिया गया है। बिहार कांग्रेस पर यह गंभीर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता से जुड़ा एक विवादित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जनरेटेड वीडियो अपने आधिकारिक एक्स हैंडल (@INCBihar) से सोशल मीडिया पर पोस्ट या शेयर किया था, जिसके बाद से यह मामला तूल पकड़ता गया।





