Delhi Air Quality Index Today: दिवाली से पहले दिल्ली में सांसों का संकट, एक्यूआई 350 के पार पहुंचकर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले आम नागरिकों के लिए हवा लगातार दमघोंटू होती जा रही है, जिससे सांसों पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। आज सुबह दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वायु प्रदूषण की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई, जिसके चलते शहर की हवा सीधे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गई है। कई प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 के आंकड़े को पार कर चुका है। विभिन्न监测 आंकड़ों और एप के अनुसार, सोनिया विहार जैसे इलाकों में सुबह के वक्त एक्यूआई 370 के उच्च स्तर पर दर्ज किया गया है।
चांदनी चौक से लेकर अलीपुर तक कई इलाकों में फैला घना प्रदूषण, शहर के तमाम हिस्सों में एक्यूआई का स्तर चिंताजनक
राजधानी के विभिन्न हिस्सों की वायु गुणवत्ता पर नजर डालें तो चांदनी चौक में एक्यूआई 361 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह आईटीओ में 351, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 349, जेएनयू में 319, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 332, मथुरा रोड पर 334, द्वारका सेक्टर-8 में 357, अलीपुर में 382, अशोक विहार में 327, बवाना में 365, और बुराड़ी क्रॉसिंग में 354 एक्यूआई दर्ज किया गया है। हालांकि, आईजीआई एयरपोर्ट पर 294, लोधी रोड में 251 और नेहरू नगर में 289 वायु गुणवत्ता सूचकांक रहा, जो तुलनात्मक रूप से थोड़ा कम है लेकिन फिर भी संतोषजनक नहीं कहा जा सकता।
प्रदूषण नियंत्रण पाबंदियों के लागू होने के पहले ही दिन बिगड़े हालात, 12 जुलाई के बाद का सबसे प्रदूषित दिन रहा रविवार
उल्लेखनीय है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के उद्देश्य से बीते 1 नवंबर को नई पाबंदियां और सख्त नियम लागू किए गए थे, विडंबना यह रही कि इन पाबंदियों के पहले ही दिन यानी रविवार को वायु गुणवत्ता भारी गिरावट के साथ ‘بہुत खराब’ श्रेणी में जा पहुंची। हालांकि हाल ही में हुई बारिश के कारण दिल्लीवासियों को कुछ दिनों तक प्रदूषण से राहत जरूर मिली थी, लेकिन रविवार का दिन न केवल इस सीजन का बल्कि गत 12 जुलाई के बाद से अब तक का सबसे अधिक प्रदूषित दिन रिकॉर्ड किया गया।
सीपीसीबी के तय मानकों के अनुसार जानिए क्या कहती है वायु गुणवत्ता की श्रेणियां, 301 से 400 के बीच का स्तर माना जाता है बहुत खतरनाक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निर्धारित मानकों के मुताबिक, 0 से 50 के बीच के एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच की वायु गुणवत्ता को ‘बहुत खराब’, तथा 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी के अंतर्गत आंका जाता है। वर्तमान में दिल्ली का अधिकांश हिस्सा ‘बहुत खराब’ श्रेणी की चपेट में है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम काफी बढ़ गए हैं।





