ब्रेकिंग
दिव्यांग विवाह समारोह में व्हील चेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से बंद हुई सुरंग… अंदर फंस गए 19 मजदूर, अब तक 8 को बचाया केंद्र सरकार राज्य के सभी 60,000 करोड़ रुपये के फंड जारी करे : भगवंत मान ने प्रधानमंत्री से की अपील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 14936 लोगों को सुरक्षित निकाला गया : हरदीप सिंह मुंडियां पीएम मोदी ने किया हैदराबाद लिबरेशन डे का जिक्र, बताए निजाम और रजाकरों के अत्याचार महाराष्ट्र मराठा आरक्षण: कल से पानी भी छोड़ देंगे मनोज जरांगे पाटिल, समर्थकों से बोले- किसी से रेनको... दिल्ली: ‘साबुन, ऑल आउट, स्प्रे…’ फैक्ट्री में बन रहे थे नकली प्रोडक्ट, इन्हें मिला था सप्लाई का जिम्... लखनऊ: धमाके से आधा मकान तबाह, हर तरफ धुआं और लपटें…जिंदा जल गया फैक्ट्री मालिक आलम का परिवार; बेहटा ... दो ब्रेन सर्जरी के बाद भी सद्गुरु ने बाइक से पूरी की कैलाश यात्रा, 18 हजार फीट ऊंचाई तक गए, बताई योग... ओडिशा में 1,396 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने पोर्श, बीएमडब्ल्यू और आभूषण जब्त किए
देश

अधीर रंजन चौधरी होंगे Lok Sabha में Congress के नेता

नई दिल्ली। राहुल गांधी के इन्कार के बाद कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा में अपना नेता चुना लिया है। मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की लंबी बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। इस बैठक में सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। कांग्रेस ने इस बार में लोकसभा को भी पत्र लिखकर जानकारी दे दी है। कहा गया है कि अधीर रंजन चौधरी सबसे बड़े विपक्ष दल के नेता होंगे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अधीर रंजन कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करेंगे। बता दें, पहले कांग्रेस चाहती थी कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाए, लेकिन वे तैयार नहीं हुए।

जानिए कौन हैं अधीर रंजन चौधरी

अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल की बेरहमपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। वे 1999 से इस सीट पर जीत दर्ज कर रहे हैं। इस बार उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की अपूर्वा सरकार को 80 हजार वोट से हराया था। 2 अप्रैल 1956 को एक बंगाली परिवार में जन्में अधीर रंजन ने 1996 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की और विधायक बने थे। 1999 में उन्हें लोकसभा लड़ने का मौका मिला था और तब से लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं। अधीर रंजन 10वीं पास हैं, लेकिन तगड़ी राजनीतिक समझ रखते हैं और पर्यावरण सुधारने की दिशा में लगातार काम करते हैं। वे 2009 से 2012 तक ऊर्जा पर स्थायी समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button