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Chamki Fever in Bihar: बिहार के मुख्य सचिव ने कहा – ‘अस्पताल में देर से पहुंचने की वजह से हुई मौतें’

पटना। बिहार में चमकी बुखार का कहर जारी है। इस बुखार ने अब तक सैंकड़ों बच्चों की जान ले ली है। इस जानलेवा बुखार की वजह से हो रही मौतों के बार बिहार सरकार भी अब निशाने पर आ गई है। इस बीच बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार का भी एक विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि ‘सीएम ने कुछ निर्देश दिए हैं। मरीजों की मौत की मुख्य वजह उन्हें देर से अस्पताल लाना रहा। सीएस ने दोहराया कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों से अस्पताल का कोई खर्च नहीं लिया जाएगा। उनका यात्रा खर्च उन्हें रिइम्बर्स किया जाएगा।’

बिहार के मुख्य सचिव ने ये भी कहा कि SKMCH अस्पताल को 2500 बेड के अस्पताल में बदला जाएगा, फिलहाल इसकी क्षमता 610 बेड्स की है। अगले एक साल में इसे 1500 बेड और फिर बाद में 2500 बेड का किया जाएगा। यहां 100 बेड का आईसीयू भी बनाया जाएगा। फिलहाल यहां 50 बेड का आईसीयू है। यहां मरीजों के परिजनों के लिए धर्मशाला भी बनाई जाएगी।

बिहार के कई इलाकों खास कर मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में बढ़ते इस खतरनाक बुखार के मरीजों के मद्देनजर मुख्य सचिव ने कहा कि यह तय किया गया है कि एक टीम उन सभी घरों का सामाजिक आर्थिक स्तर और वातावरण का निरीक्षण करेगी जहां बच्चे इस बुखार से पीड़ित हुए थे।

उन्होंने कहा कि यह जागरुकता पैदा की जा रही है कि बच्चे खाली पेट ना सोएं, इसके साथ ही अगर वे बीमार होते हैं तो उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर आया जाए। सीएस ने कहा कि हमने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश भी दिए हैं।

बता दें कि एसकेएमसीएच और केजरीवाल मिलाकर अब तक 116 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि 395 बच्चों को पीएचसी से लेकर एसकेएमसीएच तक में भर्ती कराया जा चुका है। वहीं अस्पताल प्रशासन की मानें तो अब तक 309 बच्चों को ही भर्ती किया गया है।

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