धार में कार्बाइड गन बेचने और चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध, डॉक्टर सौरभ बोरासी ने दी खतरनाक धमाकों से बचने की सलाह

धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में दीपावली के उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस दीपोत्सव पर आतिशबाजी करते समय पूरी सतर्कता बरतें, और तेज आवाज व धमाके के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ‘कार्बाइड गन’ का उपयोग तो भूलकर भी न किया जाए। धार जिले की सीमाओं के भीतर कार्बाइड गन की बिक्री करना और उसका संचालन करना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस खतरनाक गन के इस्तेमाल से इंसान के हाथ, चेहरे और आंखों को बहुत गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, इसके अलावा इसके जरिए होने वाले भीषण धमाके की तेज आवाज से कानों की सुनने की शक्ति हमेशा के लिए भी खत्म हो सकती है। इस गंभीर खतरे को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कैल्शियम कार्बाइड केमिकल का होता है खतरनाक इस्तेमाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ बोरासी ने दी गंभीर चोटों से बचने की सख्त चेतावनी
इस विषय पर जानकारी देते हुए जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ बोरासी ने बताया कि “कार्बाइड गन के भीतर मुख्य रूप से ‘कैल्शियम कार्बाइड’ नामक एक खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जो जैसे ही नमी या पानी के संपर्क में आता है, एक जोरदार और तीव्र धमाका पैदा करता है। यह केमिकल हमारी आंखों और कानों को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है, इसलिए भूलकर भी इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।” उन्होंने आगे सलाह दी कि यदि किसी कारणवश इस गन से कोई दुर्घटना हो जाती है और चोट लग जाती है, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र या अस्पताल पहुंचना चाहिए। आंख में किसी भी प्रकार की चोट लगने पर उसे कभी भी रगड़ना या उस पर अनुचित दबाव नहीं डालना चाहिए। इसके अलावा, कान में चोट लगने पर या अचानक से सुनाई देना बंद होने की स्थिति में तुरंत किसी योग्य ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से अपनी जांच करानी चाहिए। हाथ या चेहरे पर गंभीर जख्म होने पर किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खों और उपचार के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद न करते हुए फौरन पेशेवर मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
चोट लगने पर तुरंत लें चिकित्सकीय सहायता, बच्चों को ऐसे खतरनाक उपकरणों से दूर रखने की अपील— डॉक्टरों और विशेषज्ञों की विशेष सलाह
चिकित्सकों का यह स्पष्ट रूप से कहना है कि कार्बाइड गन की वजह से लगने वाली चोट की वास्तविक गंभीरता और उसके प्रभाव का आकलन केवल एक डॉक्टर द्वारा ही किया जाना चाहिए। इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचने का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका तो यही है कि इस तरह के खतरनाक उपकरणों का इस्तेमाल ही पूरी तरह बंद कर दिया जाए। अभिभावकों का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों को ऐसे हानिकारक उपकरणों से हमेशा दूर रखें और उनके प्रदर्शन या प्रयोग को किसी भी सूरत में बढ़ावा न दें। यदि आसपास कोई भी व्यक्ति इस तरह की प्रतिबंधित गन का इस्तेमाल करता हुआ दिखाई दे, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। दीपावली के इस पावन पर्व पर बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को तेज आवाज वाले खतरनाक पटाखों के बजाय पूरी तरह सुरक्षित तरीकों से खुशियां मनाने के लिए जागरूक करना बेहद आवश्यक है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर की दो टूक चेतावनी, कहा— कार्बाइड गन बेचते या चलाते पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई, तुरंत दें पुलिस को सूचना
शहर के जागरूक नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतिबंधित कार्बाइड गन की अवैध बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर निरंतर निगरानी की जरूरत है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी अवैध गतिविधियों की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही, विभिन्न विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं और युवाओं को इसके घातक परिणामों से अवगत कराना समय की मांग है। इस मामले में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विजय डावर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि “धार जिले में कार्बाइड गन को बेचना और उसका उपयोग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यह गन इंसानी स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है। यदि कोई भी व्यक्ति इसे बेचते या चलाते हुए नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। इस मामले में विशेष रूप से अभिभावकों को बहुत अधिक सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है।”





