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दिल्ली भूकंप पर HC की अफसरों को फटकार, काम नहीं करना है तो इस्तीफा देकर घर बैठें

दिल्ली पिछले कुछ दिनों में भूकंप के झटकों से कई बार हिल चुकी है। ऐसे दिल्ली में भूकंप से निपटने को लेकर क्या तैयारियां हैं इसको लेकर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाी हुई। इस दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने  दिल्ली के इमारतों में भूकंप रोधी संबंधी कार्य योजना को लागू करने में कमी को लेकर केजरीवाल सरकार और नगर निकायों की खिंचाई की। हाईकोर्ट ने सख्त शब्दों में कहा कि अधिकारी जल्द से जल्द काम शुरू करें या फिर इस्तीफा देकर घर बैठ जाएं।

हाईकोर्ट ने नगर निकायों के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर काम नहीं होता है, तो हम आपको सस्पेंड करने के आदेश दे देंगे और अदालत ऐसे किसी अधिकारी के खिलाफ एक्शन लेने में कोई संकोच नहीं करेगी, जो काम न कर रहा हो। हाईकोर्ट ने भूकंप से निपटने की तैयारियों को लेकर 3 हफ्तों में एक्शन रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को कोर्ट में बताना होगा कि दिल्ली की किन 25 इमारतों के खिलाफ एक्शन लिया गया है, जो भूकंप रोधी नहीं हैं। साथ ही दिल्ली सरकार को कोर्ट ने आदेश दिए कि उनको भी बताना होगा कि भूकंप से बचाव के लिए क्या उपाय किए गए।

हाईकोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि अधिकारी सिर्फ लीपापोती का काम कर रहे हैं न तो उनके पास भूकंप से निपटने की कोई तैयारी है और ना ही जमीनी स्तर पर उन्होंने कोई एक्शन लिया है, सब कुछ सिर्फ कागजों में है। बता दें कि दिल्ली-NCR में 2 महीने के दौरान 10 से 12 बार भूकंप के झटके लग चुके हैं, ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट का सरकार और एजेंसी से सवाल था कि अगर दिल्ली में कोई बड़ा भूकंप आता है तो उससे निपटने की क्या तैयारियां की गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में वकील अर्पित भार्गव ने यह याचिका दायर की थी।

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