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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शरजील प्रकरण में सभी पांचों राज्यों का जवाब देखे बिना अंतरिम आदेश नहीं दे सकते

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि भड़काऊ भाषण देने की वजह से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम की याचिका पर सभी पांच राज्यों के जवाब देखे बगैर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। शरजील इमाम ने याचिका में इस तरह के आरोपों में दर्ज सभी प्राथमिकी मिला कर एक करने का अनुरोध किया है।

जेएनयू छात्र पर देशद्रोह के आरोप में पांच राज्यों में दर्ज है प्राथमिकी

कोर्ट को सूचित किया गया कि शरजील की याचिका पर अभी तक दिल्ली और उत्तर प्रदेश ने जवाब दाखिल कर दिया है जबकि असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश ने कोई जवाब नहीं दिया है।

सुप्रीम कोर्ट अन्य राज्यों के जवाब देखे बगैर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकता

जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस वी रामसुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान कहा कि हम अन्य राज्यों के जवाब देखे बगैर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकते। असम के वकील ने कहा कि उसे जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और वक्त चाहिए।

पीठ ने असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश को जवाब दााखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया

पीठने कहा, हम समय देंगे। इसके साथ ही पीठ ने असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को इस याचिका पर जवाब दााखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दे दिया। पीठ ने कहा कि इन राज्यों का जवाब आने के बाद एक सप्ताह के भीतर इनका प्रत्युत्तर दाखिल किया जाए। पीठ ने इसके साथ ही यह मामला तीन सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

सभी मामले एक साथ कर दिल्ली की अदालत में भेजने की लगाई गुहार

नागरिकता संशोधन कानून का मुखर विरोध करने वाले शरजील इमाम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज ये सारे मामले एक में मिला दिए जाएं। शीर्ष अदालत ने 26 मई को इस याचिका पर उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से जवाब मांगा था जबकि दिल्ली सरकार को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था। शरजील ने अपनी याचिका में खुद के खिलाफ दर्ज सारे मामले दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का भी अनुरोध किया है।

दिल्ली पुलिस ने शरजील के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां कानून के तहत भी मामला दर्ज किया

शरजल के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दिए गए उसके दो भाषणों को लेकर पांच राज्यों में मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपी के वकील ने इससे पहले कोर्ट से कहा था कि इमाम के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में देशद्रोह के आरोप में प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस ने शरजील के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया है।

शरजील इमाम देशद्रोह के मामले में बिहार से गिरफ्तार किया गया था

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 28 जनवरी को शरजील इमाम को जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ में कथित भड़काने वाले भाषण देने के कारण दर्ज देशद्रोह के मामले में बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया था।

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