एलएसी पर योग से चीन को मुकाबले का संदेश, लद्दाख के सभी दुर्गम इलाकों में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

जम्मू। पूर्वी लद्दाख में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय सेना और आइटीबीपी के जवानों ने योग कर चीन को स्पष्ट संदेश दिया कि वह उससे हर स्थिति में मुकाबला करने में सक्षम हैं। वह सैन्य ताकत से तो सक्षम हैं ही, साथ ही मानसिक रूप से भी मजबूत हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धस्थल सियाचिन व जम्मू-कश्मीर के अन्य दुर्गम अग्रिम चौकियों पर जवानों का योग के प्रति जोश कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ गया।
सेना की उत्तरी कमान ने जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के सभी दुर्गम इलाकों में योग करने की मुहिम चलाई। पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना के साथ डटे आइटीबीपी के जवानों ने 18 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ के बीच योग किया। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी ने शारीरिक दूरी के नियम का पालन किया। आइटीबीपी के जवानों ने योग से स्वस्थ रहने का संदेश उच्च पर्वतीय इलाकों में रहने वाले बौद्ध भिक्षुओं को भी दिया।
ड्यूटी का हिस्सा है योग
सेना के पआरओ डिफेंस जम्मू लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि देश की सरहद की निगरानी कर रहे जवानों के लिए योग उनकी ड्यूटी का एक हिस्सा है। आतंकवाद से लड़ रही सेना ने कठोर जलवायु परिस्थितियों वाले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों की दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल किया है। चाहे लद्दाख की पैंगोंग झील हो या आतंकवादग्रस्त कश्मीर घाटी के दुर्गम इलाके, इन सभी क्षेत्रों में जवानों ने योग किया।
बीएसएफ ने भी किए योगासन
अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहने वाले सीमा प्रहरियों ने भी जोश के साथ योग किया। सीमा प्रहरियों को अपने आवास पर योगासन करने के निर्देश दिए थे। बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आइजी एनएस जम्वाल के नेतृत्व में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने सुबह जम्मू में बीएसएफ के गोल्फ मैदान में योग किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने भी योग से खुद को फिट रखने का संकल्प लिया।






