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कोविड-19 के कारण बढ़ रही है घबराहट, अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति : विशेषज्ञ

चेन्नई। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जहां लाखों लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं इस महामारी की वजह से कई अन्‍य बीमारियां भी तेजी बढ़ रही हैं। डिप्रेशन और अत्‍महत्‍या भी इनमें शामिल है। देश में कोविड-19 का प्रकोप तेजी से बढ़ने के बीच मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक महामारी कुछ मामलों में वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों में तीव्र घबराहट पैदा करती है, जो कई बार डिप्रेशन का रूप ले लेती है। ऐसे में कुछ लोगों को तो आत्महत्या के कगार पर भी ले जाती है।

सबसे ज्‍यादा बढ़ रहा डिप्रेशन

विशेषज्ञों के मुताबिक, घबराहट, संक्रमण का भय, अत्यधिक बेचैनी, निरंतर आश्वासन की मांग करते रहने वाला व्यवहार, नींद में परेशानी, बहुत ज्यादा चिंता, बेसहारा महसूस करना और आर्थिक मंदी की आशंका लोगों में अवसाद एवं व्यग्रता के प्रमुख कारक हैं। नौकरी चले जाने का डर, आर्थिक बोझ, भविष्य को लेकर अनिश्चितता और भोजन एवं अन्य जरूरी सामानों के खत्म हो जाने का डर इन चिंताओं को और बढ़ा देता है।

लोग मानसिक समस्याओं को लेकर ऑनलाइन मांग रहे मदद

कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद से ऑनलाइन मंचों पर भी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मदद मांगने वालों की संख्या बढ़ती हुई देखी गई है। इनमें बेचैनी से लेकर अकेलेपन और अपनी उपयोगिता से लेकर नौकरी चले जाने की चिंता जैसी तमाम समस्याएं शामिल हैं। यहां मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में निदेशक, डॉ आर पूर्णा चंद्रिका ने बताया कि अप्रैल अंत तक करीब 3,632 फोन आए और 2,603 कॉलर को मनोरोग परामर्श दिया गया।

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