ब्रेकिंग
Operation Sindoor Heroes: नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर दर्ज हुआ ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों का नाम Amit Shah on Drugs: नार्को-आतंकवाद पर बड़ा प्रहार; 6,000 करोड़ की ड्रग्स नष्ट करने का लक्ष्य, NCB के न... Arvind Kejriwal in Ayodhya: राम मंदिर दर्शन के बाद केजरीवाल का बड़ा बयान; कहा- 'चंदा चोरी करने वालों ... Rahul Gandhi as LoP: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के दो साल पूरे; सोशल मीडिया पर... ⚖️ केतन अग्रवाल हत्याकांड: सीएम फडणवीस का सख्त रुख, उज्ज्वल निकम होंगे विशेष सरकारी वकील, फास्ट ट्रै... West Champaran News: रामगढ़वा में शादी के दौरान बड़ा हादसा; दूल्हे की अचानक मौत से पसरा सन्नाटा, बिना... Allahabad High Court News: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी; स... Jaisalmer News: जैसलमेर में मानवता शर्मसार; महिला को पैरों में बेड़ियां बांधकर रखा गया, DLSA ने किया ... Jaipur Crime News: जयपुर में कलयुगी बेटे का कारनामा; बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटा, CCTV वीडियो हुआ... Delhi Crime News: कश्मीरी गेट ISBT पर सक्रिय था शातिर लुटेरा; नशीली फ्रूटी पिलाकर करता था लूट, गिरफ्...
विदेश

अफगानी सिख-हिंदुओं के लिए 20 अमेरिकी सांसदों ने की रिफ्यूजी प्रोटेक्शन की मांग

वाशिंगटन। अफगानिस्तान में रहने वाले सिख व हिंदू समुदाय के लिए अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से मदद की गुजारिश की है। अफगानिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों के उत्पीड़न का मामला उठाते हुए 20 अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से इमरजेंसी रिफ्यूजी प्रोटेक्शन की मांग की है।

विदेश मंत्री माइक पोंपियो ( Mike Pompeo) को संबोधित कर लिखे गए पत्र में अमेरिका के 20 सांसदों ने अफगान में रहने वाले सिख और हिंदू समुदायों को ‘यूएस रिफ्यूजी एडमिशन्स प्रोग्राम’ के तहत शरण देने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के अत्याचारों और ISIS खुरासन (ISIS Khorasan, ISIS-K) के हाल के आतंकी हमलों के कारण हिंदुओं और सिखों की आबादी में गिरावट आई है। सांसदों ने कहा, ‘ ट्रंप प्रशासन ने हमेशा धार्मिक आजादी की रक्षा को विदेश नीति की प्राथमिकता बताया है।’ उन्होंने कहा,’अफगानिस्तान में सिख और हिंदू समुदायों को अपने धर्म के कारण ISIS-K से खतरे का सामना करना पड़ता है।

उल्लेखनीय है कि इसी साल मार्च में ISIS-K ने काबुल में सिख गुरुद्वारे को निशाना बनाया था जिसमें 25 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। धार्मिक आजादी की रक्षा करने के लिए हम इन प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने के लिए आपसे ये आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करते हैं।’ इसके अलावा विदेश मंत्री से सिख और हिंदू समुदायों के उन सदस्यों को अतिरिक्त सहयोग मुहैया कराने की भी अपील की गई है जो अफगानिस्तान में रहना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय अफगानिस्तान में सिख और हिंदू समुदाय के लोगों की संख्या करीब 2,50,000 थी लेकिन दशकों की प्रताड़ना के बाद अब यह संख्या 1,000 तक रह गई है। इसके अलावा सांसदों ने कोरोना वायरस के कारण फैली महामारी के मद्देनजर उपलब्ध कराई गई अमेरिकी आर्थिक मदद अफगान के धार्मिक अल्पसंख्यकों को मिलने वाली सुविधा सुनिश्चित कराने की भी अपील की और कहा कि सभी देशों को इस बात की प्राथमिकता देनी चाहिए कि उनके यहां रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कोविड-19 के लिए आर्थिक सहायता मिले।

Related Articles

Back to top button