ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
विदेश

पोम्पिओ ने पाकिस्तान से कहा- ईशनिंदा के आरोपियों को करें रिहा

वाशिंगटनः अमेरिका ने पाकिस्तान से ईशनिंदा मामले में जेल में बंद धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के 40 से अधिक संदस्यों को रिहा करने और देश में विभिन्न धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए एक दूत नियुक्त करने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने आसिया बीबी की रिहाई के मामले का जिक्र किया। बीबी को ईशनिंदा के एक मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। यह मामला विश्वभर में चर्चा में रहा था। पोम्पिओ ने कहा कि 40 से अधिक लोग ऐसे हैं जो उम्रकैद की सजा काट रहे हैं या ईशनिंदा कानून के तहत उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। हम उनकी रिहाई की मांग करना जारी रखेंगे और धार्मिक स्वतंत्रता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए एक दूत की नियुक्ति के बारे में भी सरकार को प्रोत्साहित करेंगे।

’पाकिस्तान को पिछले साल अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता की विशेष निगरानी सूची की श्रेणी में रखा गया था, जिसका मुख्य कारण देश में धार्मिक स्वतंत्रता में गिरावट था। वहीं, इस साल की शुरुआत में उसे विशेष चिंताओं वाले देशों की सूची में डाला गया। ‘अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता’ के विशेष दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि आज जो रिपोर्ट हम जारी कर रहे हैं, इसके बाद हम इस रिपोर्ट से अलग प्रतिबद्धताएं तय करेंगे। लेकिन हम इन्हें विशेष निगरानी सूची में रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में विभिन्न धार्मिक समुदायों को नुकसान पहुंचाया गया है।

वरिष्ठ पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए, ब्राउनबैक ने पाकिस्तान के साथ कुछ प्रमुख वार्ताओं की उम्मीद की, ताकि वे उन्हें उनके अल्पसंख्यकों की रक्षा करने के लिए मार्गप्रशस्त कर सके। विदेश मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, ईशनिंदा के आरोप में कम से कम 77 लोग को जेल में थे, जिनमें से कम से कम 28 को मौत की सजा मिली थी, हालांकि सरकार ने किसी को भी ईशंिनदा के लिए विशेष रुप से कभी भी फांसी नहीं दी।

पोम्पिओ ने इस दौरान यहूदी विरोधी गतिविधयों पर नजर रखने एवं उससे लड़ने के लिए विशेष दूत एवं अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कार्यालय का उन्नयन करने की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की विदेश नीति में धार्मिक स्वतंत्रता को नई बुलंदी दी है। उन्होंने कहा कि ब्राउनबैक सीधे उन्हें रिपोर्ट करना जारी रखेंगे और पुनर्गठन दोनों कार्यालयों और अतिरिक्त कर्मचारियों को संसाधन प्रदान करेगा और साझेदारी बढ़ाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button