ब्रेकिंग
Jharkhand Health Department: रिम्स में मेडिकल एडमिशन में अनियमितता; स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर C... Car Fire Incident NH-33: हजारीबाग से रांची जा रही कार में अचानक लगी आग; परिवार के चार सदस्य सुरक्षित Jharkhand Health News: अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का ... Garhwa Monsoon Update: गढ़वा में अब तक 'जीरो' बारिश; खेती के लक्ष्य को लेकर कृषि विभाग चिंता में Jharkhand Politics: राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ा राजनीतिक पारा; भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आमने-सामने भाजप... Jharkhand News: मुहर्रम जुलूस को लेकर प्रशासन सख्त; डीजे पर प्रतिबंध, ड्रोन से निगरानी और CRPF की तै... Jharkhand Jobs News: स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियां; 56 फूड सेफ्टी ऑफिसर और 151 विशेषज्ञ डॉक्टर... Sports Promotion Ranchi: रांची रेल मंडल शुरू करेगा चेस, फुटबॉल और वॉलीबॉल अकादमी; नि:शुल्क प्रशिक्षण... Jamtara School Raid: स्कूल के बरामदे में बैठकर ग्राहकों को लूट रहे थे साइबर अपराधी, पुलिस ने रंगे हा... Bhilai News: स्मार्ट मीटर के खिलाफ भड़के लोग; बिजली कार्यालय में मीटर फेंककर किया जोरदार प्रदर्शन
देश

Chhattisgarh में निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस 1.10 लाख से 1.29 लाख रुपए तक बढ़ी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेना थोड़ा महंगा हो गया है। छत्तीसगढ़ फीस विनियामक आयोग ने प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों और चार निजी डेंटल कॉलेजों की फीस आगामी तीन सत्रों के लिए तय कर दी है। मेडिकल कॉलेजों की फीस में एक लाख 10 हजार से लेकर 1 लाख 29 हजार रुपये तक का इजाफा किया गया है। ‘नईदुनिया’ के पास इससे संबंधित आदेश है, जिसमें उल्लेख है कि यह फीस मध्य प्रदेश से कुछ अधिक और ओडिशा के कालेजों के समकक्ष हो गई है।

फीस वृद्धि प्रत्येक तीन वर्ष में होती है। इससे पहले साल 2016 में हुई थी, तब प्रदेश में सिर्फ एक निजी मेडिकल और पांच डेंटल कॉलेज थे। फीस बढ़ाने के लिए कॉलेजों ने अपने आय-व्यय की जानकारी आयोग को भेजी थी। इसके बाद कॉलेजों में अधोसंरचना, प्रयोगशाला, स्टाफ (टीचिंग/नॉन-टीचिंग), हॉस्टल सुविधा, खेल मैदान आदि को लेकर निरीक्षण किया गया। फिर प्रस्तावित फीस पर सुनवाई का अवसर दिया गया। कॉलेज प्रबंधकों ने कहा कि जो फीस अभी है, वह पर्याप्त नहीं है। इससे कॉलेज चलाने में मुश्किल हो रहा है। कॉलेज प्रबंधनों ने फीस आठ से 12 लाख रुपये तक बढ़ाने का तर्क दिया था।

सभी सरकारी कॉलेजों की फीस 50 हजार रुपये

प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस में इजाफा नहीं हुआ है, यह 50 हजार रुपये ही है। 40 हजार रुपये शिक्षण शुल्क, चार हजार रुपये कॉशन मनी, 3500 रुपये हॉस्टल शुल्क, 6000 रुपये अन्य शुल्क। हालांकि शुल्क अलग-अलग हैं, मगर योग 50 हजार से अधिक नहीं है।

एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित फीस-

कॉलेज- 2018-19 तक- 2019-20 (तीन सालों के लिए)

श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस भिलाई- 5,16,500 रुपये- 6,45,156 रुपये

रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस भानसोज रायपुर- 5,10,500 रुपये- 6,00,156 रुपये

स्व. चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज भिलाई- 5,18,500 रुपये- 6,13,156 रुपये (कॉलेज इस सत्र में जीरो ईयर है।)

बीडीएस पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित फीस

कॉलेज- फीस

शासकीय डेंटल कॉलेज रायपुर- 20,500 रुपये। (इसके अतिरिक्त सीजी बोर्ड से पासआउट छात्रों को 2100, आउटसाइडर को 2400 रुपये डीडी/नकद में जमा करने होंगे।)

त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर बिलासपुर- 2,12,309 रुपये

न्यू होराइजन डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, बिलासपुर- 2,06,309 रुपये

रूंगटा कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर भिलाई, दुर्ग- 2,21,115 रुपये

मैत्री कॉलेज ऑफ डेंटीस्ट्री एंड रिसर्च सेंटर, अंजोरा, दुर्ग- 2,11,115 रुपये

सीडीसीआरआइ डेंटल कॉलेज राजनांदगांव- 2,29,910 रुपये

फीस विनियामक आयोग से फीस से संबंधित पत्र प्राप्त हुआ है। फीस में वृद्धि की गई है, जो नियमानुसार प्रति तीन वर्ष में होती है। सूचना वेबसाइट में अपलोड कर दी गई है, अभ्यर्थी इससे जानकारी ले सकते हैं।डॉ. जीतेंद्र तिवारी, प्रवक्ता एवं सदस्य काउंसिलिंग कमेटी, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button