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यूजीसी ने कहा- देश के सभी विश्वविद्यालयों में दो नवंबर से फिर से शुरू होगा पठन-पाठन

नई दिल्ली। कोरोना के खतरे को देखते हुए बंद पड़े देश भर के विश्वविद्यालयों में दो नंवबर से फिर से पढ़ाई-लिखाई शुरू हो जाएगी। हालांकि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है, इसलिए संस्थानों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन दोंनों ही तरीकों से पढ़ाने का विकल्प दिया गया है। विश्वविद्यालयों ने इसे लेकर तैयारी भी शुरु कर दी है। इस दौरान छात्रों की यदि कक्षाएं लगती है, तो एक समय में कक्षाओं की कुल क्षमता के आधे छात्रों को ही बुलाया जाएगा।

विश्वविद्यालयों की री-ओपेनिंग को लेकर यूजीसी जारी करेगी गाइडलाइन

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस बीच विश्वविद्यालयों को फिर से खोलने को लेकर नई सुरक्षा गाइडलाइन पर भी काम शुरू कर दिया है। जो एक नवंबर से पहले कभी भी जारी हो सकती है। जिसमें कोरोना से बचाव के जुड़े सुरक्षा उपायों सहित कैंपस में आने वाले छात्रों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए भी एक टीम तैनात की जाएगी। इस दौरान कैंपस में डाक्टरों की एक टीम और एबुलेंस भी तैयार रखा जाएगा, ताकि किसी छात्र को किसी भी तरह की दिक्कत होने पर उन्हें तुरंत आइसोलेट किया जा सके। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में भी एक आइसोलेशन रूम भी तैयार रखा जाएगा। विश्वविद्यालय आने वाले प्रत्येक शिक्षक, छात्र और दूसरे कर्मचारियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।

विश्वविद्यालयों के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से पढ़ाने का रहेगा विकल्प

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों के लिए इस एकेडमिक कैलेंडर को सितंबर में ही जारी कर दिया था। जिसमें अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के पहले वर्ष की कक्षाएं एक नवंबर से शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि कोरोना संक्रमण की स्थिति अभी भी देश में सामान्य नहीं हुई है, ऐसे में यूजीसी ने अब विश्वविद्यालयों को यह विकल्प दिया है, कि यदि संस्थान खोलने की स्थिति नहीं बनती है, तो आनलाइन ही पढ़ाई शुरू कराए, लेकिन एकेडमिक कैलेंडर में अब कोई बदलाव नहीं होगा। यानी विश्वविद्यालयों को नए सत्र की पढ़ाई दो नवंबर से शुरू करानी ही होगी।

सभी विश्वविद्यालयों को 31 अक्टूबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षा, प्रवेश प्रक्रिया खत्म करने के निर्देश

यूजीसी ने इस दौरान सभी विश्वविद्यालयों से 31 अक्टूबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं और प्रवेश प्रक्रिया खत्म करने के भी निर्देश दिए थे। हालांकि इस दौरान पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों ने कुछ अतिरिक्त समय भी मांगा था। यूजीसी ने जिसकी अनुमति दे दी थी। हालांकि यूजीसी ने सभी से फिर भी पंद्रह नवंबर तक सारी परीक्षाएं खत्म करने को कहा था। ऐसे में पंद्रह नवंबर के बाद भी इन राज्यों में भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

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