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कन्‍फर्म टिकट ना हो तो क्‍या है विकल्‍प, RTI से खुलासा- वेटिंग लिस्‍ट वाले एक करोड़ से ज्‍याद लोग 2019-20 में नहीं कर सके यात्रा

नई दिल्ली। एक आरटीआइ के जवाब में बताया गया है कि साल 2019-20 में वेटिंग लिस्‍ट में नाम रह जाने के चलते एक करोड़ से ज्‍यादा यात्री ट्रेनों से सफर नहीं कर सके। यही नहीं साल 2019-20 में कुल 84,61,204 पीएनआर प्रतीक्षा सूची में रह जाने के चलते स्‍वत: रद हो गए। ऐसे में यदि आप लंबी यात्रा पर जाने वालें हैं और आपका भी रेल टिकट कंफर्म नहीं है तो आपके पास क्‍या विकल्‍प हैं… समाचार एजेंसी पीटीआइ ने इस पर अपनी एक रिपोर्ट जारी की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन पीएनआर नंबरों पर करीब सवा करोड़ से अधिक लोग यात्रा करने वाले थे। इससे जाहिर है कि देश में व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की भारी कमी है। ऐसे में यदि आपका रेल टिकट भी वेटिंग लिस्‍ट में है तो रेल मंत्रालय ने लोगों की सहूलियत के लिए एक बड़ी पहलकदमी की है। रेल मंत्रालय ने निजी क्षेत्र की ट्रेनें पेश कर पहली बार वेटिंग लिस्‍ट को घटाने की दिशा में कदम उठाया है। रेलवे ने व्‍यस्‍त मार्गों पर विशेष क्लोन ट्रेनें पेश की हैं।

सबसे बड़ी बात यह कि इन ट्रेनों का बेहद कम जगह हाल्ट है। यही नहीं इन ट्रेनों में खास तौर पर थर्ड एसी के डिब्बे जुडे हैं। ये ट्रेनें उसी मार्ग पर पहले से संचालित हो रहीं स्‍पेशल ट्रेनों से पहले परिचालित होंगी। इन क्लोन ट्रेनों की अग्रिम बुकिंग अवधि 10 दिनों की है। यानी यदि अपका टिकट कंफर्म नहीं है तो इन क्‍लोन ट्रेनों से यात्रा कर सकते हैं। यही नहीं पीएनआर के रद हो जाने के बाद टिकट की रकम भी आपको स्‍वत: ही वापस मिल जाती है।

मध्य प्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौड़ की ओर से डाली गई आरटीआई के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में करीब पांच करोड़ पीएनआर प्रतीक्षा लिस्‍ट में रह गए। इसके कारण ये पीएनआर नंबर स्वत: ही रद्द हो गए। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2014-15 में रद्द हुए पीएनआर की संख्या 1,13,17,481 थी। साल 2015-2016 में 81,05,022 और 2016-2017 में 72,13,131 पीएनआर रद हुए।

इसके बाद के साल 2017-2018 में 73,02,042 और 2018-2019 में यह संख्या 68,97,922 थी। आधिकारिक आंकड़ों में बताया गया है कि साल 2019-20 में प्रतीक्षा सूची में औसतन 8.9 फीसद की कमी आई है। यही नहीं व्यस्त अवधि के दौरान जैसे त्‍यौहारों अन्‍य मौकों पर 13.3 फीसद यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल ही नहीं सका। इन्‍हीं सब वजहों के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने क्‍लोन ट्रेनों की सहूलियत देने का फैसला किया है….

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