ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस
टेक्नोलॉजी

ऑनलाइन शिक्षा अप्रभावी और अपर्याप्त, टीचर्स और पैरेंट्स के साथ की गयी अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की फील्ड स्टडी में दावा

नई दिल्ली।  कोविड-19 महामारी और संक्रमण से रोकथाम के लिए लगे लॉक डाउन के चलते घर से ऑनलाइन मोड में कक्षाओं के आयोजन और चलाये जा रहे शैक्षणिक सत्र को लेकर देश भर के टीचर्स और पैरेंट्स ने असंतोषजनक प्रतिक्रियायें दी हैं। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी द्वारा सोमवार, 16 नवंबर को जारी एक फील्ड स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन टीचिंग अप्रभावी और अपर्याप्त है। यूनिवर्सिटी द्वारा 5 राज्यों के 26 जिलों में 1,522 स्कूलों में फील्ड स्टडी की गयी है। इन स्कूलों में 80 हजार से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ते हैं।

ऑनलाइन शिक्षा को लेकर टीचर्स और स्टूडेंट्स के अनुभव को जानने के उद्देश्य से फील्ड स्टडी की गयी। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी स्टेटमेंट के अनुसार, फील्ड स्टडी के दौरान अधिकतर टीचर्स और पैरेट्स ऑनलाइन मोड को शिक्षा के लिए अप्रभावी और अपर्याप्त ही बताते रहे। इन पैरेट्स का कहना था कि वे अपने बच्चों को जरूरी स्वास्थ्य सावधानियों के साथ स्कूल भेजने को तैयार हैं और वे उन्हें नहीं लगता है कि बच्चों को स्कूल भेजने से स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या होगी।

अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के वॉयस चांसलर अनुराग बेहर के अनुसार, “ऑनलाइन शिक्षा, विशेषतौर पर स्कूली-उम्र बच्चों के लिए, सिर्फ इंटरनेट और ऑनलाइन रिसोर्स की कमी से ही नहीं, बल्कि शिक्षा की मूल-प्रकृति के कारण भी अप्रभावी है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए फिजिकल प्रेजेंस, अटेंशन, थॉट और इमोशंस जरूरी हैं। ये सभी मिलकर चरणबद्ध तरीके से हर बच्चे के लिए सीखने के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करते हैं।

वॉयस चांसलर ने टीचर और स्टूडेंट के बीच मौखिक और गैर-मौखिक बातचीत को शिक्षा के लिए जरूरी बताया, जो कि परंपरागत कक्षाओं के जरिए ही संभव है। वहीं, रिपोर्ट के अनुसार 80 फीसदी शिक्षकों ने ऑनलाइन एजुकेशन में बच्चों के साथ ‘इमोशनल कनेक्ट’ को असंभव बताया, जबकि 90 फीसदी अध्यापकों को लगा कि ऑनलाइन क्लासेस के दौरान बच्चों का सार्थक मूल्यांकन नहीं पाता है।

Related Articles

Back to top button