ब्रेकिंग
ट्रेनी आईपीएस उदय कृष्ण रेड्डी निलंबन व गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आया पुलिस अकादमी, यौन उत्पीड़न का... FSSAI का शराब कंपनियों पर बड़ा चाबुक, एंटीक्विटी, रॉयल चैलेंज और ओल्ड मोंक के चुनिंदा वेरिएंट्स पर ब... दतिया उपचुनाव परिणाम: 6016 वोटों की बढ़त से जीते कांग्रेस के घनश्याम सिंह, जानें दतिया राजघराने के म... 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा: दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर की बर्बरता, स... सिद्धिविनायक मंदिर में ₹18 करोड़ की चोरी का खुलासा: 46 कर्मचारी निलंबित, 9 गिरफ्तार; सदा सरवनकर ने U... आरएसएस (RSS) सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में Gen Z और Gen Alpha के छात्रों से करेंगे स... दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन: रोहिणी के प्राइवेट स्कूल को 'टेकओवर' का नोटिस, ₹15.60 करोड़ की वित्तीय ध... मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना: रहने-खाने से लेकर ट्रेन व फ्लाइट तक की सुविधा मुफ्त, जानें कैसे करें ऑनलाइ... सावन 2026 के पहले सोमवार पर पूरे देश में भक्ति का माहौल, इन 5 प्रसिद्ध धामों में उमड़ा श्रद्धालुओं क... जंतर-मंतर पर अपराधियों की एंट्री पर भड़के अभिजीत दीपके: दिल्ली पुलिस के दावों पर उठाए सवाल, दी आंदोल...
विदेश

चीन के ट्वीट पर ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने की माफी की मांग, देश की छवि खराब करने का आरोप

मेलबर्न। कैनबरा और बीजिंग में चल रहे तनाव के बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट बोरिसन (Scott Morrison) ने चीन से माफी की मांग की है। उन्होंने चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा किए गए ट्वीट को लेकर यह मांग की है। दरअसल ऑस्ट्रेलियाई सैनिक को लेकर एक ट्वीट चीन की तरफ से किया गया है, जिसमें वह अफगानिस्तान में एक बच्चे की हत्या करता नजर आ रहा है। ऑस्ट्रेलिया का आरोप है कि चीन इस तरह के झूठे ट्वीट करके देश की सेना की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहा है।

मॉरिसन ने मांग की है कि चीनी विदेश मंत्रालय इस ट्वीट को हटा दे और माफी मांगे। व्यापार के मुद्दों को लेकर दोनों देशों में चल रहे तनाव के बीच, सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक ग्राफिक ट्वीट किया था, जिसमें खून में लथपथ चाकू लिए एक सैनिक मुस्कुराते हुए नजर आ रहा है, और उसने चाकू को बच्चे की गर्दन पर रखा हुआ है। इसके अलावा फोटो में एक मेमना भी है।

इसके साथ झाओ ने लिखा, ‘ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों द्वारा अफगान नागरिकों और कैदियों की हत्या से हैरान। हम इस तरह के कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं, और उन्हें जवाबदेह ठहराने का आह्वान करते हैं।’ इसके साथ ही लिखा गया था, ‘डरो मत, हम आपके लिए शांति लाने के लिए आ रहे हैं।’ यह ट्वीट ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सेना को लेकर जारी की गई एक रिपोर्ट से संबंधित था।

बता दें कि देश ने 19 नवंबर को युद्ध अपराधों की जांच से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें इस बात के पक्के सुबूत मिले हैं कि ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने वर्ष 2005 से 2016 के बीच अफगानिस्तान में 39 बंदियों और नागरिकों की हत्या की थी।

Related Articles

Back to top button