ब्रेकिंग
CM Vishnu Deo Sai Delhi Visit: दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सीएम रेखा गुप्ता की मुलाकात;... Chhattisgarh Monsoon 2026: केरल में 26 मई को ही दस्तक देगा मानसून; जानें छत्तीसगढ़ में कब होगी पहली ... Jabalpur Jain Samaj: रीवा हादसे के विरोध में जबलपुर में जैन समाज का फूटा गुस्सा; सड़कों पर उतरा जनसै... Gwalior Tighra Dam: ग्वालियर के तिघरा बांध पर पिकनिक मनाने गए दो दोस्तों की पानी में डूबने से दर्दना... Indore-Betul Highway Jam: इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे के धनतालाब घाट पर लगा भीषण जाम; सैकड़ों वाहन फंसे Anuppur Farmers Protest: अनूपपुर में किसानों का बड़ा आंदोलन; चंदास चौराहे पर ट्रैक्टर खड़े कर किया च... Dhar Bhojshala: भोजशाला पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव; मां वाग्देवी की पूजा कर यज्... Bhopal Fire News: भोपाल के रचना टॉवर में भीषण आगजनी; इलेक्ट्रिक स्कूटी में शॉर्ट सर्किट से भड़कीं लप... Bhopal Twisha Case: रिमांड पर आरोपी पति समर्थ सिंह बदल रहा बयान; पुलिस कमिश्नर ने कहा- जांच भटकाने क... Datia Forest Fire: दतिया के आदिवासी डेरा में जंगल की आग का तांडव; 12 घर जलकर खाक, खुले आसमान के नीचे...
देश

कनाडा को भारत की कड़ी फटकार, उच्‍चायुक्‍त को भेजा समन; कहा- प्रभावित हो सकते हैं दोनों देशों के रिश्‍ते

नई दिल्‍ली। किसान आंदोलन के मामले में कनाडा की ओर से आए बयानों पर आपत्ति जताते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने वहां के उच्‍चायुक्‍त को तलब किया है। केंद्र ने शुक्रवार को कनाडाई सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि यदि भारत के मुद्दों में दखलंदाजी का सिलसिला जारी रहा तो इससे द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हो सकता है। विदेश मंत्रालय ने कनाडाई उच्‍चायुक्‍त को समन भेज किसानों के आंदोलन पर जस्‍टिन ट्रूडो की प्रतिक्रिया को लेकर कड़ी फटकार लगाई।

भारत का ऐतराज

किसानों के जारीआंदोलन को लेकर दिए बयान पर आपत्‍ति जताते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्‍टिन ट्रूडो को फटकार लगाई है। मंत्रालय ने कहा, ‘हमारे आंतरिक मामलों में दखलंदाजी स्‍वीकार नहीं। यदि आगे भी इस तरह की गतिविधियां होती रहीं तो दोनों देशों के बीच संबंध को क्षति होगी।’ विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि इस तरह के बयानों से चरमपंथी समूहों को प्रोत्‍साहन मिला है और वे कनाडा स्‍थित हमारे उच्‍चायोग व काउंसलेट तक पहुंच सकते हैं, जो हमारी सुरक्षा के लिए चुनौती है।

जानें जस्‍टिन ट्रूडो का क्‍या था बयान

बता दें कि जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्‍टिन ट्रूडो ने किसानों के आंदोलन को लेकर चिंता जाहिर की थी उस वक्‍त भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने उन्‍हें कड़ी नसीहत दी थी और कहा था कि वो भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश नहीं करें। दरअसल, ट्रूडो ने गुरुनानक देव के 551वें प्रकाश पर्व पर एक ऑनलाइन इवेंट के दौरान कहा कि वे हमेशा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के पक्ष में रहे हैं। भारत में किसानों के आंदोलन सेे हालात चिंताजनक हो गई है। उन्‍होंने कहा, ‘भारत से किसानों के आंदोलन के बारे में खबर आ रही है। स्थिति चिंताजनक है और सच्चाई यह है कि आप भी अपने दोस्तों और परिवारों को लेकर फिक्रमंद हैं। मैं याद दिलाना चाहता हूं कि कनाडा ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया।’

ट्रूडो के इस बयान पर शिवसेना समेत भाजपा के कई दिग्‍गज नेताओं ने सवाल उठाया था। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रूडो के बयान को खारिज कर दिया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम कनाडा के पीएम का बयान खारिज करते हैं। यह गलत जानकारी पर आधारित और गैरजरूरी है। सियासत के लिए कूटनीतिक बयानों का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।’

Related Articles

Back to top button