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आइआइटी मद्रास बना कोरोना का नया हॉटस्पॉट, अब तक 183 छात्र निकले पॉजिटिव

चेन्नई। आइआइटी मद्रास(IIT Madras) कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन गया है। यहां अब तक 183 छात्र कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। यहां एक दिसंबर के बाद से लगातार कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। आइआइटी मद्रास(IIT Madras)  के लोगों के एक से 12 दिसंबर तक सैंपल लिए गए और जांच में पॉजिटिव आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में आइआइटी मद्रास(IIT Madras)  कोरोना का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है।

आइआइटी मद्रास में कोरोना विस्फोट के बाद आनन-फानन में इंस्टीट्यूट को बंद करने का फैसला लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है उनमें से ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी पीडि़तों का किंग्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन एंड रिसर्च में इलाज चल रहा है और सभी के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री राधाकृष्णन ने कहा कि संक्रमण दर फिलहाल 20 फीसद है। जैसे ही वहां संक्रमितों का मिलना शुरू हुआ, जांच और कांटैक्ट ट्रेसिंग की तेज कर दी गई। उन्होंने ये भी बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए अधिकतर विद्यार्थी और कैंटीन कर्मी हैं। उन्होंने संभावना जताई कि हो सकता है कि यह संक्रमण कैंटीन से बढ़ा हो, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है स्थिति से निपटने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।

छात्रों ने लगाया संस्थान पर आरोप- मेस खोलने के फैसले से बढ़ा संक्रमण

एक ओर जहां संस्थान अपनी बात कह रहा है तो दूसरी ओर छात्रों का आरोप है कि संस्थान के सिर्फ एक मेस चलाने के निर्णय से कोरोना संक्रमण इतने बड़े पैमाने पर फैला है । छात्रों ने बताया कि मेस में कोई मास्क नहीं पहनता और वहां भीड़ भी जुटती रही थी। छात्रों ने कहा कि संस्थान में अभी कुल 774 छात्र हैं और कोरोना संक्रमितों में अधिकांश दो हॉस्टलों- कृष्णा तथा जमुना के रहने वाले छात्र हैं।

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