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मिलावट पर काबू पाने के लिए सख्त कानून की राज्यसभा में उठी मांग

नई दिल्लीः राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा के एक सदस्य ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की समस्या का मुद्दा उठाया और इस पर काबू पाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की मांग की। भाजपा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि इस समस्या ने गंभीर रुप ले लिया है। उन्होंने कहा कि पहले यह समस्या शहरी क्षेत्र में ही थी लेकिन अब यह ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच गयी है।

उन्होंने मिलावट से होने वाली विभिन्न बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर नियंत्रण करने के लिए 1954 में कानून बनाया गया था। लेकिन यह बहुत सख्त नहीं है। उन्होंने सख्त कानून बनाए जाने की मांग की ताकि लोगों में डर पैदा हो सके। भाकपा के विनय विश्वम ने ईपीएफओ पेंशनरों का मुद्दा उठाया और कहा कि कई लोगों को काफी कम राशि पेंशन के रुप में मिलती है। उन्होंने इसमें वृद्धि किए जाने की मांग की।

वाईएसआर कांग्रेस के विजयसाई रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में सूखे की समस्या का मुद्दा उठाया और कहा कि विभिन्न जलाशयों में पानी का भंडार काफी कम रह गया है। शून्यकाल में ही कांग्रेस के अबीर रंजन चौधरी, टीआरएस के बी एल यादव, बीजद के प्रशांत नंदा, तृणमूल कांग्रेस शांता छेत्री, अन्नाद्रमुक के एस मुथुकरुप्पन, भाजपा के के जे अल्फों ने भी लोक महत्व के अलग अलग मुद्दे उठाए।

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