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कुपवाड़ा में देवदूत बने सेना के जवान, भारी बर्फबारी के बीच जच्चा-बच्चा को ऐसे पहुंचाय

जम्मूः भारतीय सेना दुश्मन को धूल चटाने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद का हर संभव प्रयास करती है। घाटी में भारतीय सेना के जवानों ने एक परिवार की मदद कर इस परंपरा को जारी रखा है। कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के जवानों ने देवदूत बनकर जच्चा-बच्चा को भारी बर्फबारी उनके घर तक पहुंचाया। जवानों द्वारा की गई मदद से भावुक होकर नवजात के पिता ने उन्हें धन्यवाद दिया।

भारी बर्फबारी के बीच सेना के पास मदद के लिए फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उसकी पत्नी और नवजात बर्फ के तूफान में फंस गए हैं। आनन-फानन में घुटने तक बर्फ के बीच सेना के जवानों ने मां और नवजात को लगभग छह किलोमीटर पैदल चल सुरक्षित रूप से लालाब के सुदूर इलाके में उनके घर तक पहुंचाया।

बता दें कि सेना की 28-राष्ट्रीय राइफल्स के पास फारूक खसाना निवासी दारदपुरा लोलाब ने फोन कर मदद मांगी। फारूक ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कों पर यातायात बाधित है। उसकी पत्नी और नवजात शिशु बर्फ के बर्फ में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही बटालियन के जवान फारूक की मदद के लिए निकल पड़े। जवानों ने जच्चा-बच्चा को घुटने तक गहरी बर्फ में लगभग छह किलोमीटर तक लादकर सुरक्षित रूप से उनके घर तक पहुंचाया। सेना के जवानों द्वारा की गई मदद से भावुक होकर नवजात के पिता ने पूरे परिवार की तरफ से धन्यवाद दिया।

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