ब्रेकिंग
Charkhi Dadri News: कलियाणा में बिजली निगम की टीम पर हमला, फोरमैन को पीटा और SDO का मोबाइल छीना; केस... Mahendragarh Road Accident: कनीना में सुबह व्यायाम करने निकले युवक को बाइक ने मारी टक्कर, दर्दनाक मौ... Yamunanagar News: कैल सॉलिड वेस्ट प्लांट में कूड़ा जलाने पर नगर निगम पर ₹7.18 करोड़ का जुर्माना, प्र... Haryana News: पूर्वांचल समाज की आस्था का सम्मान, अंबाला कैंट में छठ घाट के लिए मंत्री अनिल विज ने खो... Ludhiana MC Action: अवैध कॉलोनियों और डिफॉल्टरों पर नगर निगम सख्त, रजिस्ट्री, पानी-सीवर और बिजली कने... Ludhiana Police Raid: बहरीन की महिला से दुष्कर्म के आरोप में पूर्व SGPC सदस्य चावला पर शिकंजा, आनंदप... Ludhiana Crime: धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा में चोरी करने वाला अंतरराज्यीय महिला गिरोह गिरफ्तार,... Punjab Ration Card Update: राशन कार्ड में गलत जानकारी अब घर बैठे करें ठीक, सरकार ने शुरू की ऑनलाइन स... Punjab Health News: जालंधर में पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू, एकता नगर के मासूम की रिपोर्ट पॉजिटिव; स्वास... Pathankot News: जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेसवे का काम किसानों ने रुकवाया, पानी की निकासी और रास्तों को लेकर...
देश

पारदर्शिता और टैक्स स्थायित्व रहे हैं इस बार पेश किए गए बजट के मार्गदर्शक : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पारदर्शिता और टैक्स स्थायित्व इस बार पेश किए गए बजट के मार्गदर्शक रहे हैं। उद्योग संगठन सीआइआइ को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि लोगों की आशंकाओं के विपरीत सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बल्कि कोरोना संकट से पार पाने के लिए उधारी बढ़ाई है। वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सरकार इकोनॉमी को गति देने में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के योगदान को भी बेहद महत्वपूर्ण मानती है।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में इन्फ्रास्ट्रक्टर ग्रोथ को गति देने के लिए इस बार के बजट में घोषित विकास वित्त संस्थान (डीएफआइ) के जरिये 111 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा किया जाएगा। शुरुआत में सरकार इसमें 20,000 करोड़ रुपये लगाएगी। इसमें फिर निजी क्षेत्र को शामिल किया जाएगा।

इसकी मदद से सरकार महत्वाकांक्षी नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआइपी) में पूंजी का प्रवाह करेगी। इस रास्ते देश में बिजली, सड़क, बंदरगाह व हवाई अड्डों के निर्माण को नई गति मिलेगी। इसके बदौलत भारत 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी बन पाएगा।

हालांकि, एक फरवरी को पेश किये गए वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई उत्पादों पर सेस लगाने की घोषणा की। बजट में डीजल-पेट्रोल, शराब सहित कई वस्तुओं पर कृषि सेस लगाने का फैसला किया है। पेट्रोल पर ढाई रुपये प्रति लीटर और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर कृषि सेस लगाने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, पेट्रोल-डीजल पर लगे सेस का उपभोक्‍ताओं पर अतिरिक्‍त बोझ नहीं पड़ेगा। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि सेस (Imposition of Agriculture Infrastructure and Development Cess) को बढ़ाने के साथ ही पेट्रोल-डीजल पर बेसिक एक्‍साइज ड्यूटी और एडिशनल एक्‍साइज ड्यूटी के रेट को कम कर दिया गया है। इसके कारण उपभोक्‍ता पर समग्र रूप से कृषि सेस का कोई अतिरिक्‍त भार नहीं पड़ेगा।

Related Articles

Back to top button