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मैरीटाइम इंडिया समिट 2021: पीएम मोदी बोले- हमारे राष्ट्र का समृद्ध समुद्री इतिहास, बंदरगाहों में करें निवेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मैरीटाइम इंडिया समिट -2021 के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इस आयोजन में कई देश भाग ले रहे हैं, जिसमें भारत में समुद्री क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई देशों के सीईओ और राजदूत भी शामिल हैं। 50 देशों के एक लाख से अधिक प्रतिभागियों ने MIS समिट 2021 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया है जो 2 मार्च से 4 मार्च तक निर्धारित है।

Updates

-पीएम- भारत की लंबी तटरेखा को आपको इंतजार है। भारत के मेहनती लोग आपका इंतजार कर रहे हैं। हमारे बंदरगाहों में निवेश करें। हमारे लोगों में निवेश करें। भारत को अपना पसंदीदा व्यापार स्थल बनाएं। भारतीय बंदरगाहों को अपने व्यापार और वाणिज्य हेतु बंदरगाह बनाएं।

-मोदी बोले- भारत सरकार घरेलू शिप बिल्डिंग और शिप रिपेयर मार्केट पर भी ध्यान दे रही है। घरेलू जहाज निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए हमने भारतीय शिपयार्ड के लिए जहाज निर्माण वित्तीय सहायता नीति को मंजूरी दी।

-हमने 78 प्रकाशस्तंभों के बगल में भूमि में पर्यटन विकसित करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया है। इसका उद्देश्य मौजूदा प्रकाशस्तंभों और इसके आसपास के क्षेत्रों को अद्वितीय समुद्री पर्यटन स्थलों में विकसित करना है।

-पीएम ने कहा कि हम तटीय आर्थिक क्षेत्रों, बंदरगाह आधारित स्मार्ट शहरों और औद्योगिक पार्कों के साथ हमारे बंदरगाहों को एकीकृत कर रहे हैं। यह औद्योगिक निवेश को दिखाएगा और बंदरगाहों के पास वैश्विक विनिर्माण गतिविधि को बढ़ावा देगा।

-पीएम बोले- हमारे बंदरगाहों ने इनबाउंड और आउटबाउंड कार्गो के लिए प्रतीक्षा समय कम कर दिया है। हम पोर्ट और प्ले-एंड-प्ले इन्फ्रास्ट्रक्चर में भंडारण की सुविधा के विकास में भारी निवेश कर रहे हैं ताकि उद्योगों को पोर्ट लैंड के लिए आकर्षित किया जा सके।’

-पीएम मोदी ने कहा, ‘2014 में प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता जो लगभग 870 मिलियन टन प्रति वर्ष थी, अब बढ़कर लगभग 1550 मिलियन टन सालाना हो गई है। इस उत्पादकता लाभ से न केवल हमारे बंदरगाहों को बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है।’

-प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से, मैं दुनिया को भारत आने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं और हमारी विकास यात्रा का हिस्सा बनाना चाहता हूं। भारत समुद्री क्षेत्र में बढ़ने और दुनिया की एक अग्रणी ब्लू अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने को ईमानदार से आगे बढ़ रहा है।’

-पीएम मोदी बोले- हमारे राष्ट्र का एक समृद्ध समुद्री इतिहास है। हमारे तटों पर सभ्यताएं फली-फूलीं।हजारों वर्षों से, हमारे बंदरगाह महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहे हैं।  हमारे तटों ने हमें दुनिया से जोड़ा। यह शिखर सम्मेलन इस क्षेत्र से संबंधित कई हितधारकों को एक साथ लाता है। साथ में, हम समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल करेंगे।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सागर मंथन- मर्केंटाइल मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस सेंटर का शुभारंभ किया।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैरीटाइम इंडिया समिट में ई-बुक ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ का विमोचन किया।

-वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मैरीटाइम इंडिया समिट -2021 के दूसरे संस्करण में पीएम मोदी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री प्रधान भी मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को ट्वीट किया था, ’11 बजे, 2 मार्च को, समुद्री भारत शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा। यह शिखर सम्मेलन समुद्री क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा और भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था के विकास को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।’

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, पोर्ट, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा 2 मार्च से 4 मार्च तक एक वर्चुअल प्लेटफॉर्म www.maritimeindiasummit.in पर समुद्री भारत शिखर सम्मेलन 2021 का आयोजन किया जा रहा है।

इस शिखर सम्मेलन से अगले दशक के लिए भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक रोडमैप की कल्पना की जा सकेगी और वैश्विक समुद्री क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा। कई देशों के प्रतिष्ठित वक्ताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारतीय समुद्री क्षेत्र में संभावित व्यापारिक अवसरों का लाभ व निवेश करने की उम्मीद है। बता दें कि डेनमार्क तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए भागीदार देश है।

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