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शहर की चकाचौंध से दूर युवा डाक्टरों ने गांव के अस्पताल की बदल दी सूरत

अंबिकापुर: दो युवा चिकित्सक, डा. राहेला समरीन और डा. इमरान ने सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश की है। दोनों सरगुजा क्षेत्र के सुदूर आदिवासी अंचल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों लुंड्रा व रघुनाथपुर में पदस्थ हैं।

इनके लगन व सेवाभाव के परिणाम स्वरूप भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट से नवाजा है। इंदौर मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डा.राहेला समरीन व डा.इमरान ने वनवासी क्षेत्र सरगुजा को अपनी कर्मभूमि के रूप में चयनित किया।

डा. इमरान यहीं के मूल निवासी हैं जबकि डा. राहेला इंदौर की हैं। सगाई कर चुके दोनों युवा चिकित्सकों ने सरकारी अस्पताल को जनसहयोग से सुव्यवस्थित कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना से बचाव के लिए दोनों जी जान से जुटे हैं।

सरगुजा में एक दिन में सर्वाधिक टीकाकरण का रिकार्ड भी इन युवा चिकित्सकों ने बनाया है। कोरोना जांच, टीकाकरण और संक्रमण का प्रसार रोकने इनकी कोशिश से लोगों में जागरूकता भी आई है। अब दोनों ने संकल्प लिया है कि कोरोना से जंग जीतने के बाद वैवाहिक बंधन में बंधेंगे।

मुख्यालय में रहने की आदत से सुधरी व्यवस्था

सरगुजा में स्वास्थ्य समेत दूसरे विभागों के अधिकारी अपने कार्यस्थल पर रहने के बजाय अंबिकापुर शहर में रहना पसंद करते हैं। 27 फरवरी 2014 को डा. इमरान ने जब लुंड्रा अस्पताल में पदभार संभाला तो पहले दिन से ही मुख्यालय में रहना शुरू किया।

तीस किलोमीटर दूर अंबिकापुर जाकर इलाज करने से ग्रामीणों को छुटकारा मिला। अधीनस्थ स्टाफ भी मुख्यालय में रहने लगे। ऐसी ही शुरुआत डा. राहेला समरीन ने रघुनाथपुर अस्पताल में की तो जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों का साथ मिलना शुरू हुआ। यही वजह रही कि इन दोनों अस्पतालों की गुणवत्ता में सुधार आया।

दोनों के बीच प्रतिस्पर्धी भाव

डा. इमरान और डा. राहेला के बीच अब प्रतिस्पर्धा का भाव है। अस्पताल की गुणवत्ता सुधार के साथ मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की इनकी जिद के कायल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और क्षेत्र के विधायक डा. प्रीतम राम भी हैं। युवा डाक्टरों की सेवाभाव की वजह से इन दोनों के अस्पताल में बाह्य रोगी और अंत: रोगी विभाग में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा

हां मैंने लुंड्रा और रघुनाथपुर अस्पताल को शीर्ष पर ले जाने का भाव दोनों अस्पताल के चिकित्सकों में देखा है। इन दोनों चिकित्सकों की बदौलत ही राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता मानक का प्रमाण पत्र मिला है। इससे दूसरे चिकित्सक भी और अच्छा करने प्रेरित होंगे।

टीएस सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़

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