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लाकडाउन में छूट मिलने के बाद भी रजिस्ट्री का टोटा

बिलासपुर। प्रदेश में फैले कोरोना संक्रमण का खौफ रजिस्ट्री विभाग में देखने को मिल रहा है। शासन से लाकडाउन में छूट मिलने के बाद 50 फीसद कर्मचारियों के साथ शासकीय दफ्तर खुल गए हैं। लेकिन पंजीयन आफिस में स्टांप वेंडरों ने काम करने से ही मना कर दिया है। उन्होंने लाकडाउन खुलने के बाद ही कामकाज शुरू करने की बात कही है।

कोरोना संक्रमण के चलते 14 अप्रैल से जिले में लाकडाउन घोषित किया गया। इस दौरान शासकीय कार्यालयों को भी बंद करने के आदेश दिए गए। इसके चलते पंजीयन आफिस को भी बंद करना पड़ा और यहां रजिस्ट्री सहित अन्य विभागीय काम बंद हो गया। इस बीच लाकडाउन में बढ़ा दिया गया। इसके साथ ही कुछ राहत देते हुए शासकीय दफ्तरों मंे 50 फीसद कर्मचारियों को काम करने की छूट दी गई।

लेकिन आफिस में आमजन व बाहरी लोगों का जाना अभी भी प्रतिबंधित है। हालाकि रजिस्ट्री विभाग में यह स्थिति नहीं है। जरूरत के मुताबिक जमीन खरीद-बिक्री व रजिस्ट्री करने की छूट दी गई है। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए दस्तावेज लेखक संघ ने पंजीयन कार्यालय में लिखित में सामूहिक रूप से आवेदन पत्र दिया है कि उनका कामकाज लाकडाउन खुलने के बाद ही शुरू होगा।

इसके चलते जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। आफिस में अधिकारी-कर्मचारी कोरोना के नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान उनके द्वारा विभागीय कामकाज ही किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि चूंकि दस्तावेज लेखकों ने अपना काम बंद कर दिया है। इसके चलते रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।

15 करोड़ स्र्पये की 

जिले में कोरोना संक्रमण के चलते लोग जमीन की खरीद-बिक्री भी नहीं कर रहे हैं। पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री नहीं होने के कारण सीधे तौर पर शासन को ही राजस्व की हानि हो रही है। आमतौर पर पंजीयन आफिस में रोज 50 से लेकर सौ रजिस्ट्री होती थी। अफसरों का कहना है कि लाकडाउन के चलते पंजीयन नहीं होेने के कारण अभी तक शासन को करीब 15 करोड़ स्र्पये राजस्व की हानि हुई है।

कुछ स्टांप वेंडर कर रहे काम, गिने-चुने हो रही रजिस्ट्री

लाकडाउन में छूट मिलने के साथ ही कुछ स्टांप वेंडरों ने काम शुरू कर दिया है। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए जमीन खरीद-बिक्री का काम बंद है। इस बीच जरूरी व शासकीय रजिस्ट्री कराने वाले पहुंच रहे हैं

स्टांप वेंडर 24 से शुरू करेंगे काम

स्टांप वेंडरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से उनके स्वजन सहित करीबी लोग जूझ रहे हैं। कई स्टांप वेंडर को भी कोरोना ने अपनी चपेट में लिया है। ऐसे में लाकडाउन खुलने के बाद ही उन्होंने कामकाज शुरू करने के संबंध मंे पंजीयन विभाग को पत्र लिखा था।

उनका कहना है कि संक्रमण के इस दौर में रजिस्ट्री आफिस में बाहरी लोगों की आवाजाही रहती है। सभी तरह से एहतियात बरतने के बाद भी उनके संक्रमित होने का खतरा है। फिर भी स्टांप वेंडर संघ ने 24 मई से कामकाज नियमित रूप से शुरू करने की बात कही है।

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