कालेज की परीक्षा में पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना व आरटीआइ का विकल्प नहीं

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में छात्र पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना या सूचना का अधिकार (आरटीआइ) का उपयोग नहीं कर सकेंगे। परीक्षा विभाग ने आदेश जारी कर परीक्षार्थियों को इस संबंध में स्पष्ट कर दिया है। आनलाइन ओपन मोड में परीक्षा के चलते यह निर्णय लिया गया है।
बिलासपुर समेत मुंगेली, जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिले के कालेजों में पंजीकृत अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए एक जून से परीक्षा शुरू होगी। इसमें 60 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर जल्द जारी होगी। छात्रों को घर में पर्चा हल करना होगा। इस दौरान याद रखना होगा कि वे परीक्षा के बाद किसी तरह से पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना या सूचना का अधिकार नियम का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
इतना ही नहीं, टाइप किया हुआ या प्रिंटेट उत्तरपुस्तिका भी जमा नहीं होगी। स्वलिखित उत्तर पुस्तिका ही मान्य होगी। आनलाइन उत्तरपुस्तिका का पहला पन्न्ा यदि डाउनलोड नहीं होता है या प्रिंट में दिक्कत होती है तो परीक्षार्थी अपने हाथों से प्रथम पेज की जानकारी एक सादे कागज में लिखकर जमा कर सकते हैं। पर्चा समाप्त होने पर छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय जाने की जरूरत नहीं है। स्पीड पोस्ट के माध्यम से संबंधित कालेज को भेजना होगा।
प्रथम व द्वितीय वर्ष की समय-सारण्ाी में देरी
परीक्षा विभाग ने साफ कह दिया है कि पहले चरण में केवल अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की संशोधित समय सारण्ाी जारी की जाएगी। बता दें कि यह परीक्षा 25 मई से शुरू होने वाली थी। इसमें बदलाव करते हुए एक जून किया गया है। परीक्षा के दौरान ही प्रथम व द्वितीय वर्ष की समय सारण्ाी घोषित की जाएगी।
शिक्षण सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा में छात्र पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना या सूचना का अधिकार का उपयोग नहीं कर सकेंगे। ऐसा इसलिए कि परीक्षा ओपन मोड में आनलाइन ली जाएगी। विशेष परिस्थिति या शिकायत मिलने पर परीक्षार्थी की लिखावट की जांच की जा सकती है। किसी दूसरे से पर्चा लिखाने पर नकल प्रकरण माना जाएगा।
डा. प्रवीण पांडेय, परीक्षा नियंत्रक
अटल बिहारी वाजपेयी विवि






