गायत्री परिवार के साथ सभी सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में कहा छत्तीसगढ़ नशामुक्त राज्य बने

रायपुर। अंतराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में गायत्री परिवार के आह्वान एवं तत्वाधान में आशीर्वाद भवन रायपुर में नशा उन्मूलन पर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमे प्रदेश के 20 सामजिक संगठनों के वरिष्ठ प्रमुखजन उपस्थित थे। इस वैचारिक गोष्ठी में सभी संगठनों ने छत्तीसगढ़ को नशामुक्त राज्य बनाने पर जोर दिया।
भारत के संविधान और भारतीय संस्कृति के संकल्प के अनुरूप नशामुक्त समाज बनाने, पुनर्वास केंद्र स्थापित करने, संस्कारवान बनाने, संस्कृति व परम्परा व व्यवहार से नशा को दूर रखना आदि पर विचार व्यक्त किया गया। सभी ने राजधानी स्तर पर सर्व समाज/संगठन का एक ग्रुप बनाने का विचर किया। जिसका उद्देश्य राजधानी को संस्कारधानी व नधमुक्त बनाना होगा।
गोष्ठी के उपरांत गायत्री परिवार द्वारा एवं अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए शासन को ज्ञापन सौंपा गया। विचार-विमर्श में कहा गया कि नशा भले ही एक व्यक्ति करता है, लेकिन इसका असर उसके पूरे परिवार पर पड़ता है। व्यक्ति के शारीरिक और आर्थिक नुकसान के साथ ही परिवार में कलह होती है।
इस वैचारिक गोष्ठी में गायत्री परिवार से दिलीप पाणिग्रही, सी पी साहू, आर.एस.एस से डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना, सिक्ख समाज से दलवीर सिंह ढिल्लन, ईसाई समाज से सब्स्टीन फादर, बसंतकुमार तिर्की, निषाद समाज से आनन्द निषाद, देवांगन समाज से पुरुषोत्तम देवांगन,सुखदेव देवांगन,गोरेलाल जी, तेलगु समाज से के सत्याबाबू, साहू समाज से मेघराज साहू, सेन समाज से डॉ मनोज ठाकुर, कुनबी समाज से दानेश्वर रावत, पतंजलि योग समिति से छबिराम साहू, यादव समाज से माधव यादव, गुजराती समाज से प्रकाश दावड़ा, ब्राह्मण समाज से प्रभात मिश्रा, निश्चल वाजपेयी, मराठा समाज से मोहन पवार, करुणा इंटरनेशनल से प्रेमशंकर गौटिया, कुर्मी समाज से नकुल वर्मा, सतनाम समाज से सी एल सोनवानी एवं गायत्री परिवार के परिजन उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का संचालन गायत्री परिवार के जिला समन्वयक श्री लच्छुराम निषाद ने किया।






