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बिरगांव, उरला, सिलतरा में धड़ल्ले से चल रहा सूदखोरी का खेल

बिरगांव। राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र बिरगांव, उरला और सिलतरा में इन दिनों सूदखोरी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इसके कारण कल-कारखानों में काम करने वाले मजदूर परेशान हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां संचालित होने से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों के मजदूर पसीना बहाकर औद्योगिक क्षेत्र को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, परंतु लाकडाउन के दौरान कामकाज बंद होने से पेट पालने के लिए मजदूरों ने स्थानीय सूदखोरों से ब्याज में पैसे ले रखे थे।

कम पढ़े-लिखे मजदूरों का फायदा उठाकर सूदखोरों ने उनके एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए थे। वहीं कई मजदूरों से कोरे चेक पर हस्ताक्षर करवा कर रखा था। नाम न छापने की शर्त पर सूदखोरी के शिकार कुछ मजदूरों ने नईदुनिया को बताया कि ब्याज पर ली गई मूल राशि से कई गुना अत्यधिक राशि चुकाने के बाद भी वे सूदखोरों के चंगुल से निकल नहीं पा रहे हैं।

लाकडाउन के बाद से अब तक आर्थिक संकट से जूझ रहे मजदूरों का सूदखोरों के शिकंजे में फंसने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अपनी मेहनत की कमाई मजदूर वर्ग ब्याज अदा करने में लगा रहे हैं। इसके कारण परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

एक ओर राज्य सरकार तरह-तरह की योजनाएं लागू कर रही है, ताकि गरीब तबके तथा निचले वर्ग के लोग अपनी जीवनशैली को ऊंचा उठाने के साथ ही एक सम्मानित जीवन जी सकें, परंतु बिरगांव, उरला तथा आसपास के क्षेत्रों में यह सक्रिय सूदखोर मजदूरों का आर्थिक शोषण कर सरकारी योजनाओं पर पानी फेर रहे हैं

पीड़ित मजदूरों ने बताया कि जैसे ही उनका वेतन बैंक खाते में जमा होते हैं, वैसे ही सूदखोर उनके एटीएम से खुद ही पैसे निकाल लेते हैं। वही कोरे चेक का हवाला देकर उनकी मेहनत की कमाई को ब्याज के रूप में वसूल लेते है।

हो चुकी हैं कई घटनाएं

राजधानी रायपुर समेत राज्य भर में सूदखोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। सूदखोरों की मनमानी से कई किसान, मजदूर अपनी जान तक गंवा बैठे हैं। पुलिस व जिला प्रशासन को समय रहते सूदखोरों पर नकेल कसने की मांग मजदूर संगठनों ने की है, ताकि मजदूरों का आर्थिक शोषण बंद हो सके।

तत्‍काल सूदखोरी की सूचना पुलिस को दें

‘किसी भी स्थिति में मजदूरों को शोषण का शिकार नहीं होने दिया जाएगा और यदि सूदखोर मजदूरों को परेशान कर रहे हों तो तत्काल इसकी सूचना निकटतम थाने में दें, सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।’

-अभिषेक महेश्वरी, एएसपी, क्राइम

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