ब्रेकिंग
BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय ने डोनाल्ड ट्रंप को कहा फूफा, बताया मैकडॉनल्ड्स छोड़ क्या खाएं एक क्लासरूम में बच्चे, दूसरे में सो रहे मास्टर… वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल ट्रैक्टर से स्टंटबाजी पड़ी महंगी… जुलूस के दौरान खाई पलटी, वीडियो हुआ वायरल 7 साल बाद चीन दौरे पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक जारी, रूस समेत 20 से ज्यादा देशों... PM मोदी की मां को अपशब्द कहने वाले का BJP से कनेक्शन, दिग्विजय सिंह ने किया बड़ा दावा इस मामले में रूस और चीन से पीछे है अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा का भी बजता है डंका विवादों के बीच छलका पवन सिंह का दर्द, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जाहिर किए जज्बात एक ही मैच में 2 हैट्रिक से चूककर भी छाए इमरान ताहिर, 46 की उम्र में वो किया, जो कोई सोच भी नहीं सकता क्या सच में TikTok से हट जाएगा बैन? कंपनी भारत में शुरू कर रही हायरिंग राधा अष्टमी आज, जानें इस दिन का महत्व और व्रत कथा
देश

दहेज के खिलाफ केरल में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल ने शुरू किया अनशन

तिरुअनंतपुरम। केरल (Kerala) के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Governor Arif Mohammed Khan) ने आज अनशन (fast) शुरू कर दिया है। उनका असल मकसद दहेज (dowry) देने और लेने के खिलाफ समाज में जागरुकता फैलाना , महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर रोक लगाना और केरल को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना है। यह आंदोलन आज गांधी भवन (Gandhi Bhavan), थाइकॉड (Thycaud), तिरुअनंतपुरम (Thiruvananthapuram) में किया जा रहा है।

राज भवन के सूत्रों के अनुसार गांधीवादी संगठनों की ओर से मिले आमंत्रण पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का निर्णय लिया। पिछले महीने ही राज्यपाल ने महिलाओं से ‘दहेज को न कहने’ की भावनात्मक अपील की थी।

राजभवन में आज सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक राज्यपाल अनशन कर रहे हैं। शाम 4.30 बजे से 6 बजे तक राज्यपाल गांधी भवन में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। राज्यपाल के कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह विरोध प्रदर्शन गांधी संगठन की ओर से आयोजित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि स्त्रीपक्ष केरलम (Sthreepaksha Keralam) सरकार की ओर से लिया गया कदम है जिसके तहत दहेज व इससे जुड़ी प्रथाओं को इनकार करना महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करता है।

राज्यपाल ने कहा, ‘दहेज का लेन देन अपराध है जिसके लिए पांच साल तक की सजा है। इससे भी ज्यादा उन महिलाओं के प्रति गंभीर तौर पर अपमानजनक है जिन्होंने केरल के विकास में योगदान दिया है।’ उन्होंने राज्य के युवावर्ग से आगे आकर दहेज वाली शादी से इनकार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम दहेज नहीं चाहते लेकिन इसे खत्म करने के लिए जागरुकता लाने और लैंगिक समानता व सामाजिक न्याय लाने में लंबा समय लगेगा।

Related Articles

Back to top button