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छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई राहत देने के लिए MP सरकार से सहमति ले भूपेश सरकार

रायपुर: केंद्र सरकार ने गुरुवार को केंद्रीय सेवा से रिटायर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 11 फीसद महंगाई राहत राशि देने का निर्णय केबिनेट से घोषित किया है। अब केंद्र में पेंशनरो को 17 फीसद से बढ़कर कुल 28 फीसद महंगाई राहत एक जुलाई 2021 से मिलेगी। केंद्र सरकार के इस निर्णय पर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर धन्यवाद ज्ञापित किया है।

उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी ट्वीट कर राज्य पेंशनरों को भी केंद्र के पेंशनरों के समान 28 फीसद महंगाई राहत देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार से तुरंत सहमति प्राप्त करने की मांग की है। ज्ञात हो कि अभी छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरो केवल 12 फीसद महंगाई राहत मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है चूंकि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 धारा 49 की 6वीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुरूप दोंनो राज्यों के बीच पेंशनरी दायित्वों विभाजन लंबित रहने के कारण पेंशनरो को कोई भी आर्थिक लाभ देने के लिए दोनों राज्यो के आपसी सहमति अनिवार्य है।

इसके तहत लगभग छह लाख से ज्यादा मध्यप्रदेश के पेंशनरों को छत्तीसगढ़ सरकार के कोष से 26 फीसद राशि और छत्तीसगढ़ के लगभग एक लाख से अधिक पेंशनरो को मध्यप्रदेश के कोष से 74 फीसद राशि का भुगतान करना होता है। इसलिए दोनों राज्यो के बीच इसके लिए सहमति की अनिवार्यता होती है। आकड़ों के हिसाब से छत्तीसगढ़ सरकार ने सन 2000 से अब तक अरबों रुपये की आर्थिक हानि इस पर हो चुकी हैं। फिर भी नौकरशाह आंख बंद किए हुए हैं और मध्यप्रदेश मजे में है।

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