ब्रेकिंग
Punjab High Court Notice to Govt: डीए/डीआर भुगतान में विफलता पर मुख्य सचिव तलब; तरुण चुग का मान सरका... Jalandhar BJP News: जालंधर में भाजपा बस्ती बावा खेल मंडल की नई टीम घोषित; मिशन 2027 को लेकर कार्यकर्... Punjab UDISE Survey 2026-27: यूडाइस सर्वे के काम में देरी पर शिक्षा विभाग सख्त; 30 सितंबर तक अल्टीमे... Punjab Crime News: गुरदासपुर केंद्रीय जेल में कैदियों में भिड़ंत; सायरन बजते ही इलाके में हड़कंप, 2 ... Jashpur Wildlife News: जशपुर में खेत के पास मिला नर दंतैल हाथी का शव; दुलदुला वन परिक्षेत्र में मची ... Jashpur Crime Action: जशपुर में गुंडागर्दी पर बड़ा एक्शन! हवाई फायर कर मोबाइल लूटने वाले BRCC की सेव... Baloda Bazar Ganesh Visarjan: बलौदा बाजार में गणेश विसर्जन से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च; उपद्रवियों ... Chhattisgarh Infrastructure News: कवर्धा शहर को जाम से मिलेगी मुक्ति; ₹54 करोड़ की 4-लेन फोरलेन परिय... EC Voter List SIR Row: दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान; कांग्रेस बोली- 'ज... FJCCI Demand Ranchi: उद्घाटन के 3 साल बाद भी बंद पड़ा रांची ट्रांसपोर्ट नगर! FJCCI ने परिवहन सचिव रा...
विदेश

केवल विशेष परिस्थिति में ही ऑफिसों में काम करने वाली महिला के सिर से हटाया जा सकता है हिजाब – यूरोपीय संघ की शीर्ष कोर्ट

ब्रूसेल्‍स। यूरोपीय संघ के शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि कंपनियां अपने यहां पर काम करने वाली मुस्लिम महिलाओं के सिर पर लगे स्‍कार्फ या हिजाब को कुछ खास परिस्थिति में ही हटवा सकती है। शीष्र कोर्ट ने ये फैसला दो मामलों पर सुनवाई के बाद सुनाया है। इनमें से एक मामले में जर्मनी की एक कंपनी में काम करने वाली महिला को इसके लिए सस्‍पेंड कर दिया गया था। आपको बता दें कि हिजाब सिर को ढकते हुए कंधों तक आता है। इसका उपयोग महिलाएं करती हैं। इसको लेकर कुछ वर्षों से यूरोप में बहस चल रही है। वहीं कुछ लोग इसको मुस्लिमों के साथ हो रहे व्‍यवहार से जोड़कर देख रहे हैं।

कोर्ट के सामने आए दोनों ही मामलों में महिलाएं स्‍पेशल केयर से जुड़ी हुई थी। एक अन्‍य महिला म्‍यूलर ड्रग स्‍टोर चेन से जुड़ी थी। जिस वक्‍त उन्‍होंने अपनी जॉब की शुरुआत की थी उस वक्‍त वो इस तरह के हिजाब का इस्‍तेमाल नहीं करती थीं। लेकिन कुछ समय के बाद उन्‍होंने इसको लगाना शुरू कर दिया था। उनको कहा गया कि ये सब कुछ यहां पर करने की इजाजत नहीं है। इसके लिए महिलाओं को सख्‍त हिदायत दी गई थी और कहा गया था कि उन्‍हें सस्‍पेंड तक किया जा सकता है। कंपनी की तरफ से कहा गया था कि उनको यहां पर बिना हिजाब लगाए आना होगा या फिर उन्‍हें दूसरी नौकरी तलाश करनी होगी

अब कोर्ट ने इस मामले में दिए अपने आदेश में कहा कि हिजाब को प्रतिबंधित करना क्‍या धर्म की आजादी का उल्‍लंघन है या इसकी मंजूरी देना बिजनेस के उसूलों के खिलाफ है। या इससे वहां पर आने वाले ग्राहक पर काई असर पड़ता है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह का फैसला थोपने से पहले कंपनी को इसके लिए उचित वजह बताने की जरूरत है। यदि कंपनी अपनी छवि को एक न्‍यूट्रल रखना चाहती है, तो वो ऐसा कर सकती है।

Related Articles

Back to top button