बारिश की झड़ी से बंद हुए एसी, घरों से निकले रेनकोट और छाते

रायपुर: मानसून की सक्रियता बढ़ते ही बुधवार सुबह से राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में बारिश की झड़ी शुरू हो गई। बारिश की इस झड़ी के असर एक ओर जहां अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे। वहीं आम लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव आ गया। घरों में रखे रेनकोट व छाते बाहर आने के साथ ही रेनकोट व छातों के संस्थानों में पसरा सन्नाटा भी दूर हो गया है। कामकाजी लोग रेनकोट पहनकर काम पर निकले। साथ ही मौसम में ठंडक होने से घरों के एसी भी बंद हो गए और पंखा भी लोग कम स्पीड में ही चला रहे हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी एक अगस्त तक बारिश के आसार बने हुए है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश होगी।
बुधवार सुबह से राजधानी रायपुर में हो रही बारिश की झड़ी की वजह से कुछ क्षेत्रों में जलभराव की भी स्थिति आ गई। इनमें प्रमुख रूप से प्रोफेसर कॉलोनी, पचपेड़ीनाका, टैगोर नगर, टाटीबंध चौक, जलविहार कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में जलभराव भी रहा। एक जून से लेकर अब तक सुकमा में सर्वाधिक 971.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं रायपुर में 448.6 मिमी बारिश दर्ज हुई।
धान के लिए संजीवनी
कृषक रामेश्वर साहू ने बताया कि सावन माह के पहले सप्ताह में हो रही हल्की बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी है। बारिश न होने की वजह से परेशानी बढ़ने लगी थी और सूखे से मरने लगे थे। अब धान के पौधे बढ़ने लगेंगे और किसान भी खेतों में खाद का छिड़काव करेंगे और निंदाई का काम भी जोर पकड़ेगा।
आज कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र तटीय बांग्लादेश और उससे लगे पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है। साथ ही ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा भी बना हुआ है। इसके प्रभाव से ही गुरुवार 29 जुलाई को प्रदेश भर में मध्यम से हल्की बारिश होगी। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश व कुछ क्षेत्रों में अति भारी बारिश के आसार है। भारी बारिश का क्षेत्र मुख्य रूप से मध्य व उत्तर छत्तीसगढ़ बना रहेगा।






