ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश के 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार, TET समकक्ष मान्यता हेत... भोपाल: बारिश से मिट्टी बहने पर नाले तक पहुँचा नवजात का शव, खजूरी सड़क पुलिस ने किया खुलासा रतलाम के सिंदुरकिया हत्याकांड का सनसनीखेज पर्दाफाश: 6 महीने पुरानी रंजिश में दोस्त ने चाकू से किए 14... ग्वालियर में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा विवाद! कार टकराने के बाद दो पक्षों में चले लाठी-सरिए, एक दर... आवारा कुत्तों और डॉग बाइट पर MP हाईकोर्ट सख्त: सरकार ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट, 14 अगस्त को अगली सुनव... 12 अगस्त को सूर्यग्रहण पर छाया संशय! ज्योतिष आचार्य ने बताया— क्या हरियाली अमावस्या की पूजा-पाठ पर ल... छिंदवाड़ा से CM मोहन यादव करेंगे 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026' का आगाज़, जनवरी 2027 तक लगेंगे... मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: FSL की 20% DNA रिपोर्ट्स की होगी रैंडम जांच, कट-पेस्ट की सफाई... भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने रचा नया इतिहास, FCL कोर्स पूरा करने वाली पहली महिल... हरिद्वार बनाम देवघर कांवड़ यात्रा: क्यों होती है दोनों की तुलना? समझें सामाजिक, भौगोलिक और प्रशासनिक...
देश

सांबा में तीन जगहों पर पाकिस्तानी ड्रोन ने सुरक्षा में सेंघ लगाई

जम्मू: सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक में आतंकवाद को शह देने के लिए सीमा सुरक्षा के कड़ी आपत्ति जताने के बाद भी बाज नही आ रहे पाकिस्तान ने वीरवार देर शाम को सांबा जिले में तीन जगहों पर ड्रोन भेजकर सुरक्षा में सेंध लगाई।

सूत्रों के अनुसार नौ बजे के करीब सांबा जिले के चिलयाड़ी, बड़ी ब्राहमणा क आर्मी कैंप व घगवाल के सांदी गांव में आईटीबीपी कैंप के निकट 200 मीटर की उंचाई पर ड्रोन की सफेद लाइट देखी गई। सुरक्षा बलों ने करीब आधे घंटे के अंतराल में चिलयाड़ी व 2 अन्य जगहों पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने पर त्वरित जवाबी कार्रवाई की। चिलयाड़ी में ड्रोन को निशाना बनाने के लिए गोलियां भी दागी। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान इलाके में चले गए। इसी बीच ड्रोन देखे जाने की घटना के बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। सुबह सीमा के पास इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जाएगा।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने 22 जुलाई को बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए आईडी धमाका करने आए एक पाकिस्तानी हेक्साकाप्टर ड्रोन को मार गिराया था। ड्रोन में पांच किलो की आईडी फिट थी। इसे बड़ी वारदात करने के लिए आतंकवादियों तक पहुंचाया जाना था।

इसके बाद 24 जुलाई को सीमा सुरक्षाबल ने आरएसपुरा के सुचेतगढ़ की आक्ट्राय पोस्ट पर हुई सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तान को इसके सुबूत सौंपे थे कि आतंकवादियों द्वारा ये ड्रोन पाकिस्तानी रेंजर्स की चौकियों के पास से उड़ाए गए थे। हमेशा की तरह पाकिस्तान ने ड्रोन से आतंकवाद को शह देने के आरोपों को नकार दिया था। अब सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के चार दिन बाद तीन पाकिस्तान ड्रोन भारतीय क्षेत्र में देखे गए हैं।

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर 27 जून को पाकिस्तानी ड्रोन से दो बम गिराने की घटना के बाद ड्रोन की चुनौती से निपटने के लिए हाई अलर्ट जारी है। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान ड्रोन आने की गतिविधियों में तेजी आई है। तारी माह में ही जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के 15 से अधिक मामले सामने आए हैं।

Related Articles

Back to top button