बिलासपुर में गरज-चमक के बीच झमाझम बारिश से आज भी बनी हुई है जलभराव की समस्या

बिलासपुर। सूर्य की तेज तपिश और उमस से रविवार को लोगों को राहत मिली। तेज गरज-चमक के साथ एक दोपहर में एक घंटे तक झमाझम बारिश ने शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ धराशायी हो गए। जिले में 2.9 इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज भी बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं अब भी कई इलाकों में पानी का भराव समाप्त नहीं हुआ है।
सावन की आहट के साथ आसमान में बादल भी झूमने लगे। तभी तो आषाढ़ के आखिरी सप्ताह में झमाझम बारिश हुई। एक घंटे में 75.2 मिलीमीटर यानी 2.9 इंच बारिश हुई। मई में 226 मिलीमीटर बारिश हुई थी। जुलाई में अब तक 237.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। पिछले एक सप्ताह से गर्मी ने लोगों को बेचैन कर रखा था। दिन के साथ रात का तापमान भी चढ़ने लगा था।
24 घंटे पहले अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। रविवार को बारिश के बाद इसमें गिरावट आई। पारा 33.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। पेंड्रारोड में हल्की बारिश हुई है। बारिश का यह सिलसिला अभी 22 जुलाई तक बने रहने की संभावना है।
द्रोणिका के असर से बारिश: डा.चंद्रा
लालपुर स्थित मौसम वेधशाला के विज्ञानी डा. एचपी चंद्रा के अनुसार मानसून द्रोणिका के पश्चिमी भाग गंगानगर, नरनौल, अलीगढ़, कानपुर, डाल्टनगंज, चेरापूंजी, और उसके बाद पूर्व की ओर नागालैंड तक 0.9 किमी ऊंचाई तक स्थित है। मानसून द्रोणिका के पश्चिमी भाग गंगानगर, नरनौल, अलीगढ़, कानपुर, डाल्टनगंज, शांतिनिकेतन, चेरापूंजी, और उसके बाद पूर्व की ओर नागालैंड तक 0.9 किमी ऊंचाई तक स्थित है।
एक द्रोणिका मध्य मध्य प्रदेश से दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। उत्तर दिशा में एक विंडशियर जोन भी स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इनके प्रभाव से बारिश हो रही है।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहर——अधिकतम—न्यूनतम
बिलासपुर—-33.8——28
पेंड्रारोड—–33.5——25
अंबिकापुर—31.——-25
माना——35.3——26.7
जगदलपुर—34——–24.7






