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रायपुर में तीन साल बीत जाने के बाद भी ओवरब्रिज का काम अधूरा

रायपुर: राजधानी के न्यू राजेन्द्र नगर और कमल विहार को जोड़ने वाला ओवरब्रिज चार साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी वर्ष 2018 में ओवर ब्रिज पूरा करने का दावा कर रहे थे। ओवर ब्रिज का निर्माण राजधानीवासियों को राहत देने के लिए बनाया जा रहा है लेकिन ब्रिज का काम पूरा ना होने से लोगों को घूमकर आना जाना पड़ रहा है। ब्रिज के शुरू होने से काशी रामनगर की ओर से आने वाली जनता फ्लाई ओवर से सीधे कमल विहार पहुंच जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही की वजह से ओवर ब्रिज का काम विलंब हुआ है, लेकिन 95 प्रतिशत का काम पूरा हो गया है। जल्द ही ओवर ब्रिज का काम पूरा कर जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
ज्ञात हो कि कमल विहार और न्यू राजेन्द्र नगर को जोड़ने के लिए एनएच 38 के ऊपर 25 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने जनता को जरूरत को समझते हुए ओवरब्रिज का टेंडर 18 मई 2017 को लखनऊ की जीएस एक्सप्रेस-वे नामक कंपनी को काम का जिम्मा सौंपा था। ओवरब्रिज की लंबाई 786.00 मीटर तथा चौड़ाई 08.40 है। कंपनी ने काम तेजी से शुरू किया था लेकिन उसके बाद कंपनी की गति कम हो गई। जिसका नतीजा यह है कि तीन साल पूरा होने को हो गये हैं लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि अनुबंध की शर्तों के मुताबिक इस पुल को मात्र आठ महीने में ही पूरा करना था।
ओवरब्रिज के निर्माण के बाद मिलेगा फायदा
इस पुल के बन जाने से रायपुर-अभनपुर-धमतरी मार्ग पर ट्रैफिक बेहतर होगा और कमल विहार जाने वाली सड़क से भी जुड़ जाएगा। इसके साथ ही काशीराम नगर की ओर से ओवरब्रिज शुरू होते ही पचपेड़ी नाका, राजेंद्र नगर, लालपुर की तरफ वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। काशीराम नगर की ओर से गाड़ियां राजेंद्र नगर में उतरकर सीधे कमल विहार की ओर फ्लाईओवर पर चढेंगी। ओवरब्रिज का निर्माण होने से करीब एक से डेढ़ लाख लोगों को राहत मिलेगी।
बारिश बाद पूरा होने का दावा
ओवरब्रिज के निर्माण को पूरा करने के लिए अधिकारियों का दावा है कि हाइवे को ऊपर गर्डर चढ़ाने के लिए स्टील गर्डर आ गया है। चढ़ाने की तैयारी की जा रही है। एक या दो महीने के अंदर ओवरब्रिज का काम पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जमीनी स्तर पर जिस तरह ओवरब्रिज का काम चल रहा है उससे यह कह पाना मुश्किल है कि एक दो महीने में काम पूरा हो जाएगा।

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