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चिटफंड में फंसे रुपये वापस पाने को धमतरी में आवेदन जमा करने लगी कतार

धमतरी: चिटफंड कंपनियों में फंसे लोगों की रुपए वापसी के लिए राज्य सरकार निवेशकों से आवेदन जमा ले रही है। आवेदन जमा करने एसडीएम कार्यालय के सामने निवेशकों की रेलमपेल लग गई है। छह अगस्त तक आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि है। यहां जिले समेत दूसरे जिले के निवेशक भी यहां आवेदन जमा करने पहुंच रहे हैं। जिले के 16 से अधिक चिटफंड कंपनियों में दो लाख निवेशकों का एक हजार करोड़ फंसा हुआ है, इसे दिलाने राज्य सरकार दो अगस्त से एसडीएम कार्यालय में निवेशकों से आवेदन जमा ले रही है।
पिछले दो दिनों तक आवेदन जमा करने निवेशक नहीं पहुंचे, लेकिन चार अगस्त को आवेदन जमा करने निवेशकों की रेलम पेल लग गई। आवेदन जमा करने सैकड़ों निवेशकों की लंबी कतार लगी हुई है। आवेदन जमा करने के लिए व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से भगदड़ की स्थिति बनी हुई है। करीब 500 से अधिक निवेशक आवेदन जमा करने कतार पर है। तेज धूप से आवेदन जमा करने अपनी बारियों के इंतजार करते निवेशकों की परेशानी बढ़ गई है। तेज धूप व उमस से निवेशक आवेदन जमा करने पसीने से तरबतर हो गए है। आवेदन जमा करने एसडीएम नोडल अधिकारी है। निवेशकों का कहना है कि आवेदन जमा करने सिर्फ छह अगस्त तक समय दिया गया है, जो कम है। आवेदन जमा करने शासन स्तर से समय बढ़ाने की मांग की है।
वर्ष 2017 में भी जमा किए थे आवेदन
आवेदन जमा करने पहुंचे कोलयारी के निवेशक लक्ष्मण साहू, मुकेश साहू, बोरिदखुर्द के डुमन लाल सिन्हा, नरहरपुर के रामसाय नेताम और कंडेल के खेदूराम साहू ने आरोप लगाते हुए बताया कि आज सरकार बने ढाई साल पूरे हो गए हैं, लेकिन अब तक निवेशकों को राशि वापस नहीं किया गया है। ऐसे में निवेशकों में नाराजगी है। हालांकि धन वापसी के लिए राज्य शासन प्रक्रियाधीन है, इसके तहत पुनः जिलेवार निवेशकों से आवेदन लिया जा रहा है। धमतरी जिले के दो लाख निवेशकों ने इन कंपनियों में एक हजार करोड़ रुपये जमा की है। जबकि प्रदेश में 20 लाख निवेशकों का और एक लाख पांच हजार अभिकर्ताओं का कुल 10,000 करोड़ छत्तीसगढ़ में संचालित 110 चिटफंड कंपनियों में जमा है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले भर के निवेशकों ने रुपए वापसी के लिए आवेदन जमा किए थे। प्रशासन ने बड़ी संख्या में निवेशकों से मंगाए आवेदन का क्या किया, अब तक कोई पता नहीं है। यह सभी आवेदन कबाड़ में चला गया है। शासन द्वारा निवेशकों से जमा लिए आवेदन का आनलाइन भी नहीं किया गया है। अब फिर से आवेदन जमा कराया जा रहा है। अभी भी कई निवेशकों को रुपये वापसी की विश्वास नहीं है, फिर भी मन की संतुष्टि के लिए आवेदन जमा कर रहे हैं।






