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अब एक क्लिक में मिलेगी छत्तीसगढ़ में 30 साल पुराने दस्तावेजों की जानकारी

रायपुरछत्तीसगढ़ में पंजीयन विभाग एक नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। पंजीयन कार्यालय में अब क्रेता-बिक्रेता को 30 साल पुराने दस्तावेजों के लिए पंजीयन कार्यालय का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। 30 साल पुराने दस्तावेजों की जानकारी अब क्रेता- बिक्रेता को एक क्लिक में मिल जाएगी। क्योंकि पंजीयन विभाग प्रदेशभर के 30 साल पुराने रिकार्ड को आनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने दो अलग-अलग प्राइवेट कंपनी को काम का जिम्मा सौंपा है। कंपनी के कर्मचारी प्रदेशभर के पंजीयन कार्यालय में पुरानी फाइलों को कम्प्यूटर में स्कैन करने का काम शुरू कर दिया है। पंजीयन अधिकारी का कहना है कि 30 साल पुराना डाटा आनलाइन होने से क्रेता-बिक्रेता को एक क्लिक में जानकारी मिल जाएगी।
ज्ञात हो कि प्रदेशभर में साल 2016 से रजिस्ट्री का डाटा आनलाइन अपडेट किया जा रहा है। लेकिन उसके पहले के दस्तावेज आनलाइन नहीं है। इससे जरूरत पड़ने पर पुरानी फाइलों को खोजने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसलिए वर्ष 1986 तक का डाटा अब आनलाइन किया जाएगा। विभाग ने सबसे पहले वर्ष 2015, 2014, 2013 से लेकर 1985 तक के दस्तावेजों को स्कैन कर आनलाइन करेगा। स्कैनिंग उपकरण ऐसी गुणवत्ता से किया जा रहा है कि पुराने दस्तावेजों को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है। यदि दस्तावेज खराब और स्कैनिंग में किसी प्रकार की कमीं आती है तो पूरी जिम्मदारी कंपनी की होगी। कंपनी के कर्मचारियों ने पंजीयन कार्यालय में काम तेजी से शुरू कर दिया है।
दो अलग-अलग कंपनी कर रही काम
पंजीयन कार्यालय में दस्तावेजों को स्कैन करने के लिए दो कंपनी जिसमें मेसर्स नील डाटा प्रो आइटी साल्यूसन प्रालि दिल्ली और मेसर्स सिल्वर टच टेक्नोलाजी लिमिटेड अहमदाबाद (गुजरात) को ठेका दिया गया है। ई-पंजीयन सिस्टम यानी 2016 के पहले दस्तावेजों के स्कैनिंग के लिए चिप्स द्वारा निविदा जारी की गई थी। 30 जुलाई को इसके लिए सभी पंजीयन और उप पजीयन कार्यालयों को नोटीफिकेशन महानिरीक्षक पंजीयक कार्यालय से भेज दिया गया था।
दस्तावेज स्कैन करने का काम शुरू
पंजीयन कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि कार्यालय के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और उसकी सूची के बीच विसंगति के लिए दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। कार्यालयीन रिकार्ड में एक से अधिक दस्तावेज एक साथ रहते हैं। कंपनी द्वारा दस्तावेज को ग्रंथ से अलग कर, दस्तावेज नंबर के आधार पर स्कैन, एन्ट्री और टैगिंग करने का काम किया जा रहा है।
एक साल तक चलेगा स्कैनिंग का काम
पंजीयन कार्यालय में कंपनी के कर्मचारियों द्वारा 30 साल पुराने दस्तावेजों को स्कैन करने में तकरीबन एक साल का समय लगेगा। दस्तावेजों के स्कैन करने के बाद आनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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