ब्रेकिंग
पीएम मोदी ने पहली बार राज्यसभा सांसद बने 36 बीजेपी नेताओं से की मुलाकात, दिया 'वर्तमान में जीने' का ... संसद का गतिरोध बरकरार: रिजिजू ने मांगा सहयोग, राहुल गांधी बोले— "अमित शाह के बयान के बिना नहीं चलेगा... सुंदरगढ़ भूमि विवाद: बिना ग्रामसभा की सहमति 12 गांवों की जमीन पर कब्जा, आप सांसद संजय सिंह ने संसद म... राहुल गांधी की छात्रों के साथ पीसी: मुंबई में पुलिस वैन रोकने वाली रिया अहीर और जंतर-मंतर के प्रदर्श... अररिया में सनसनीखेज खुलासा: पड़ोसियों को फंसाने के लिए मां-बहन ने की बेटी की हत्या! पिता के बयान से ... शामली में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी फुरकान ढेर! कैराना पलायन का था मास्टरमाइंड, एक सिपाही को... संत कबीर नगर: 21 साल की शादी और 5 बच्चों के बाद पत्नी को हुआ प्यार, पति ने खुद मंदिर में रचाई प्रेमी... अखिलेश यादव का नया नारा: "PDA में P का मतलब पंडित भी", जनेश्वर मिश्र जयंती से भाजपा पर साधा बड़ा निश... इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती रैली: सेंटर जाने से पहले साथ रख लें ये 9 जरूरी दस्तावेज, वरना होंगे बाहर... झारखंड छात्र आंदोलन: ईगो नहीं, मुद्दों की लड़ाई! जानें जंतर-मंतर प्रदर्शन से इसकी अलग पहचान
देश

यूपीएससी की परीक्षा के प्रश्नपत्र में बंगाल में चुनावी हिंसा को शामिल किए जाने पर विवाद

कोलकाता। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की परीक्षा के प्रश्नपत्र में बंगाल में चुनावी हिंसा को शामिल किए जाने पर विवाद पैदा हो गया है। यूपीएससी के तहत होने वाली सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की नियुक्ति परीक्षा के प्रश्नपत्र में परीक्षार्थियों को बंगाल में चुनावी हिंसा पर प्रतिवेदन लिखने को कहा गया था। तृणमूल कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे प्रश्नपत्र से अविलंब हटाने को कहा है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा- ‘ऐसा लग रहा है कि यह नियुक्तियां भाजपा करा रही है। वह प्रशासन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।’

कुणाल घोष ने इसके लिए जिम्मेदार यूपीएससी के अधिकारियों को बर्खास्त करने की भी मांग की है। दूसरी तरफ, बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा- ‘जब बंगाल बोर्ड के पाठ्यक्रम में सिंगुर आंदोलन को शामिल किया जा सकता है तो इसमें हर्ज क्या है? नौकरी प्रार्थियों को देश के मौजूदा हालात की कितनी जानकारी है, यह जानने के लिए ही इसे प्रश्नपत्र में शामिल किया गया था।’

गौरतलब है कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की परीक्षा के प्रश्नपत्र में बंगाल में चुनावी हिंसा को शामिल किए जाने पर विवाद पैदा हो गया है। सीएपीएफ की परीक्षा गत आठ अगस्त को हुई थी। प्रश्नपत्र में बंगाल में चुनावी हिंसा पर करीब 200 शब्दों में प्रतिवेदन लिखने को कहा गया था। इसपर 10 अंक थे। नए कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए प्रतिवेदन लिखने को भी कहा गया था। अन्य विषय के तौर पर दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की समस्या भी थ

तृणमूल सांसद सौगत राय ने कहा- ‘यह बेहद निंदनीय है। इस तरह के विषयों को राजनीति में लाकर पूरी व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तृणमूल इसका जबरदस्त विरोध करेगी।

Related Articles

Back to top button