UP में मंत्रियों व विधायकों को फ्लैट आवंटन के लिए लागू हो सकता है ग्रेडिंग सिस्टम, लोक लेखा समिति ने राज्य संपत्ति विभाग से पूछे आवंटन के नियम

लखनऊ। विधानसभा की लोक लेखा समिति ने राज्य संपत्ति विभाग से पूछा है कि वह किन नियमों के तहत मंत्रियों, विधायकों व अन्य को फ्लैट आवंटित करता है। समिति ने विभाग को इस बाबत अपने समक्ष पूरा ब्योरा 16 सितंबर तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को सपा विधायक महबूब अली की अध्यक्षता में लोक लेखा समिति की बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार बैठक में राज्य संपत्ति विभाग की ओर से मंत्रियों और विधायकों को फ्लैट के आवंटन के नियम-कायदे के बारे में चर्चा हुई। कुछ सदस्यों ने यह सुझाव दिया कि जिस तरह केंद्र सरकार के मंत्रियों और सांसदों को वरिष्ठता के आधार पर मकान आवंटित करने के लिए ग्रेडिंग प्रणाली लागू है, वैसी ही व्यवस्था राज्य में भी होनी चाहिए। बैठक में मौजूद राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों से जब मंत्रियों और विधायकों को फ्लैट के आवंटन के नियम-कायदे के बारे में पूछा गया तो वह कुछ बता नहीं सके।
इस पर बैठक की अध्यक्षता कर रहे महबूब अली ने राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह 16 सितंबर तक यह ब्योरा समिति के सामने पेश करें कि विभाग के कुल कितने फ्लैट हैं, उनके आवंटन के क्या नियम हैं और यदि नियम नहीं हैं तो क्यों नहीं हैं? राज्य संपत्ति विभाग को केंद्र की तर्ज पर ग्रेङ्क्षडग प्रणाली के आधार पर फ्लैट के आवंटन के बारे में भी विचार करने के लिए कहा गया।
सरकारी आवास की बदहाली पर भाजपा विधायक ने किया दर्द का इजहार
गोरखपुर के भाजपा विधायक डा.राधा मोहन दास अग्रवाल ने बतौर विधायक उन्हें राजधानी में मिले सरकारी आवास की दुर्दशा के बारे में ट्वीट करके ध्यान आकर्षित किया है। ट्वीट के साथ उन्होंने खुद को आवंटित सरकारी आवास की जर्जर हालत का फोटो टैग कर लिखा है कि ‘यह लखनऊ में विधायक निवास-5 में हमारे कमरे का फ्रंटेज है, यही हमारा आशियाना है। देखता हूं कि कब तक ठीक होता है। डा.राधा मोहन दास को राजधानी के मीराबाई मार्ग स्थित विधायक निवास-5 में फ्लैट नंबर 25 व 26 आवंटित हैं।






