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रायपुर में विद्युत संविदा कर्मचारियों ने बिजली दफ्तर को घेरा, किया प्रदर्शन

रायपुर: विद्युत विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में सेवा दे रहे प्रदेश के लाखों युवाओं ने अब सरकार से अपने नियमितिकरण समेत तीन सूत्रीय मांग को लेकर आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया है। इस विभाग में सेवा देने वाले 2500 से ज्यादा कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मंगलवार से चरणबद्ध आंदोलन की शुरूआत की है।पहले दिन कर्मचारियों ने डंगनिया स्थित विद्युत आफिस के सामने प्रदर्शन कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया।
संविदा विद्युतकर्मियों की मांग है कि विद्युत कंपनी में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण के साथ ही विद्युत दुर्घटनाओं में दिवंगत हुए संविदा कर्मियों को उचित मुआवजा,उनके स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति,विद्युत दुर्घटनाओं में स्थायी और अस्थायी अपंगता का शिकार हो चुके हैं साथियों को उचित मुआवजा दिया जाए।
छग विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार दोपहर डंगनिया स्थित विद्युत सेवा भवन का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद आमसभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष विवेक भगत ने इस मौके पर कहा कि सरकार उनकों अन्य विभागों में सेवा देने वाले की तरह की समझती है, लेकिन अन्य विभागों से बिल्कुल अलग तरह का काम इस विभाग में होता है। संविदा कर्मी 24 घंटे जोखिम भरा काम करते है। बावजूद इसके बिजली कंपनी उनकी सुध नहीं ले रही।
24 संविदा कर्मचारियों की मौत हो चुकी है मौत
संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विवेक भगत ने बताया कि विद्युत विभाग में संविदा कर्मचारियों को अन्य विभाग के संविदा कर्मचारियों के समतुल्य ही समझा जाता है, लेकिन सच यह है कि इस विभाग के कर्मचारियों की काम बेहद जोखिम भरा होता है।अब तक राज्य भर के 21 संविदा साथी काम के दौरान अपनी जान गंवा चुके है, इसके साथ तीन अन्य लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है, वहीं विद्युत दुर्घटना में स्थायी और अस्थायी रूप से अपंग हो चुके हैं।
नहीं मिला मुआवजा
दुर्घटना में साथियों की मौत होने के बाद भी सरकार की ओर से आज तक कोई मुआवजा राशि नहीं दिया गया है। सरकार से गुहार लगाने के बाद भी एक भी प्रकरणों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जान गंवाने वाले कर्मचारियों के स्वजनों को सरकारी मदद के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे है।लिहाजा अब कर्मचारी और उनके परिजन अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है।
चरणबंद्व होगा आंदोलन
विवेक भगत ने बताया कि इससे पहले कई बार अपनी मांगों को लेकर विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारी कई बार प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया, यही वजह है कि अब चरणबध्द तरीके से आंदोलन करना पड़ रहा है। घेराव, प्रदर्शन के बाद बुधवार को बूढ़ा तालाब धरनास्थल से सभी कर्मचारी सीएम हाउस का घेराव करने निकलेंगे।
यह है कार्यक्रम
11 अगस्त को सीएम हाउस का घेराव, 12 अगस्त को विधानसभा घेराव,13 अगस्त को काली पट्टी बांधकर कैंडल मार्च,14 अगस्त को मशाल रैली,15 अगस्त को देश के स्वतंत्रता सेनानियों और विभाग के कर्मचारियों को श्रध्दांजलि,16 अगस्त को कंपनी भर्ती नीति का विरोध में मुंडन, 17 अगस्त को फटे-कपड़ों के साथ भीख मांगकर प्रदर्शन,18 अगस्त को गुलाटी मारकर प्रदर्शन, 19 अगस्त को मौन व्रत, 20 अगस्त को भूख हड़ताल की शुरुआत होगी।






