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तालिबान ‘सरकार’ को बांग्लादेश की भी हरी झंडी, रूस-पाकिस्तान और चीन भी कर चुका है समर्थन

ढाका। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा कि उनका देश अफगानिस्तान में तालिबान की बनाई गई सरकार को स्वीकार करेगा अगर वह लोगों की सरकार है। मोमेन ने सोमवार को कहा, ‘कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सी नई सरकार बनती है, अगर तालिबान सरकार बनती है, जो बन गई है, तो हमारे दरवाजे उनके लिए खुले रहेंगे।’ विदेश मंत्री ने कहा, ‘हम लोगों की लोकतांत्रिक सरकार में विश्वास करते हैं।

बांग्लादेश के सभी सरकारों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और वह उनका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।’ मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश अफगानिस्तान में तेजी से विकसित हो रही स्थिति को ध्यान से देख रहा है, जिसके बारे में हम मानते हैं इसका क्षेत्र और उसके बाहर प्रभाव पड़ सकता है। मोमेन ने अफगानिस्तान का उल्लेख करते हुए कहा, युद्धग्रस्त देश बांग्लादेश के लिए एक दोस्ताना राज्य है। उन्होंने कहा कि वह उनका विकास चाहते हैं। सभी के साथ सबका विकास चाहते हैं।

तालिबान द्वारा कैदियों को मुक्त करने के बाद बांग्लादेशी कैदियों में से एक ने अधिकारियों से संपर्क किया। दो अन्य का कोई पता नहीं है। काबुल में कुल 15 बांग्लादेशी थे। इनमें एक गैर सरकारी संगठन, बीआरएसी इंटरनेशनल के 12 कार्यकर्ता और तीन कैदी शामिल थे। तालिबान के राजधानी में प्रवेश करने से पहले शुक्रवार को तीन बीआरएसी कार्यकर्ता घर लौट आए और छह अन्य ने संगठन के निदेशक के घर पर शरण ली। बीआरएसी के तीन अन्य बांग्लादेशी कर्मचारी छुट्टी पर देश से बाहर थे।

उन्हें अफगानिस्तान नहीं लौटने को कहा गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं। यह सार्क का एक साथी सदस्य है और दक्षिण एशिया का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा, बांग्लादेश का मानना है कि एक लोकतांत्रिक और बहुलतावादी अफगानिस्तान देश में स्थिरता और विकास की एकमात्र गारंटी है।

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