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अफगानिस्तान संकट: अमेरिका के विदेश मंत्री और जयशंकर के बीच हुई फोन पर चर्चा

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत के अपने समकक्ष एस जयशंकर से अफगानिस्तान में स्थिति पर फोन पर बात की और समन्वय जारी रखने पर सहमति जतायी।। तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर रविवार को अचानक कब्जा जमा लिया था।

विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने इसकी जानकारी दी। दरअसल 20 साल तक लड़े युद्ध के बाद अमेरिकी सेना के वापस जाने पर हुई तालिबान की इस जीत ने काबुल हवाईअड्डे पर अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया जहां से अमेरिका और अन्य सहयोगी देश हजारों नागरिकों और सहयोगियों को देश से सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश में हैं

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम ने स्वभाविक रूप से क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभावों को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता पर काबिज हो गया है और उससे पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर हुए ।

जयशंकर ने कहा कि चाहे वह अफगानिस्तान में हो या भारत के विरूद्ध, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन बेखौफ अपनी गतिविधियां चलाते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए, यह जरूरी है कि (सुरक्षा) परिषद हमारे सामने मौजूद समस्याओं पर चुनिंदा, चातुर्यपूर्ण या उदासीन रवैया नहीं अपनाए। हमें आतंकवादियों की पनाहगाहों का कभी समर्थन या उनके लिए संसाधनों को जुटाए जाने की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। ’’

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