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अफगानिस्तान : घर में जबरन घुसे तालिबानी लड़ाके, घरवालों को बेरहमी से पीटा; महिला डाक्टर ने बताया अपना दर्द

काबुल। अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में तालिबानी लड़ाकों ने एक महिला डाक्टर के घर में जबरदस्ती घुसकर घरवालों के साथ मारपीट की। महिला ने दावा किया है कि तालिबान लड़ाके उसके घर में जबरदस्ती घुस गए और उसके परिवार के सदस्यों व पड़ोसियों की पिटाई की। उसने बताया कि वो उसके भाईयों को अपने साथ ले जाना चाहते थे। खामा न्यूज ने के मुताबिक, एक वीडियो क्लिप में फहिमा रहमती ने बताया कि तालिबान लड़ाकों ने रविवार रात उसके घर पर छापेमारी के दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया है। रहमती ने कहा कि वह न तो पूर्व सरकारी अधिकारी थीं और न ही उनके घर में कोई हथियार था लेकिन तालिबान लड़ाके उनके भाइयों को अपने साथ ले जाना चाहते थे।

कंधार के प्रांतीय अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन वो मामले की जांच कर अपराधियों को सजा दिलाएंगे। रहमती एक स्थानीय डाक्टर हैं और कंधार प्रांत में एक चैरिटी फाउंडेशन चला रही हैं और गरीब परिवारों की मदद कर रही हैं। उन्होंने वीडियो क्लिप में तालिबानियों से सवाल करते हुए कहा, ‘मेरे दो भाई और कुछ रिश्तेदार अभी भी लापता हैं। वे कहां और किसके साथ हैं? मुझे उम्मीद है कि अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात मेरी आवाज सुनेगा।’ तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में इस तरह की यह पहली घटना है।

अफगानिस्तान में महिलाओं की अलग से होगी पढ़ाई

तालिबान की नई सरकार ने फरमान जारी किया है कि महिलाएं विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर सकती हैं, लेकिन उनकी क्लास अलग से लगेंगी। उनको इस्लामी पोशाक पहनना अनिवार्य होगा। तालिबान की नई अंतरिम सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल बकी हक्कानी ने एक पत्रकार वार्ता में नई नीतियों की जानकारी दी। हक्कानी ने कहा कि तालिबान बीस साल पीछे नहीं लौटना चाहता है। हम आज की जरूरतों के लिहाज से ही आगे ब़़ढेंगे। इसके लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। तालिबान सरकार ने शिक्षा में महिलाओं के लिए ड्रेस कोड की अनिवार्यता की है। अब उन्हें हिजाब जरूर पहनना होगा। लड़के-ल़़डकियों की एक साथ क्लास नहीं होगी। सह-शिक्षा की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे पास महिला शिक्षकों की कोई कमी नहीं है। तालिबान मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा में चल रहे मौजूदा पाठ्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी।

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