ब्रेकिंग
India's Deportation Plan: अवैध बांग्लादेशियों को कैसे वापस भेजेगा भारत? विदेश मंत्रालय ने संसद में ब... Maharashtra Police Raid: नांदेड़ में भारी मात्रा में तलवारें और खंजर जब्त; 43 लाख की कीमत के 4796 हथ... Judiciary vs Government: जजों की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; कहा- चुनाव आयुक्तों जैसा ज... TVK Controversy: टीवीके विवाद के बीच क्यों चर्चा में आया 'बोम्मई जजमेंट'? जानें क्या है राजभवन और फ्... Maharashtra News: आंधी-तूफान में फंसा सीएम एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर; पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हा... Char Dham Yatra 2026 Alert: चार धाम यात्रियों के साथ बड़ी ठगी; सस्ते हेलीकॉप्टर टिकट और VIP दर्शन के... Bihar Crime News: ‘मिलने बुलाया, फिर फंसा दिया’... प्रेमी के गंभीर आरोप, मुजफ्फरपुर में कॉलेज के बाह... Chandranath Rath Murder Case: हमलावरों की बाइक के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा खुलासा; जांच में आया नया मोड़,... Chandranath Rath Murder Case: हमलावरों की बाइक के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा खुलासा; जांच में आया नया मोड़,... बस इतनी से बात पर ‘झुलसा’ परिवार, युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को लगाई आग; पत्नी-सास भी घायल
देश

पीएम मोदी ने देश को समर्पित की 35 फसलों कीं विशिष्ट किस्में, कहा- कृषि और विज्ञान के तालमेल का बढ़ना जरूरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के कृषि जगत को बड़ा तोहफा दिया हैं। उन्होंने आज 35 फसलों की विशेष किस्में देश को समर्पित की। इसके अलावा पीएम द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट (National Institute of Biotic Stress Management) रायपुर के नए परिसर का भी लोकार्पण किया। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।

संबोधन में क्या बोले पीएम

-पीएम मोदी बोले, ‘खेती की जो हमारी पुरातन परंपरा है उसके साथ-साथ मार्च टू फ्यूचर भी उतना ही आवश्यक है। फ्यूचर की जब हम बात करते हैं तो उसके मूल में आधुनिक टेक्नालाजी है, खेती के नए औजार हैं।

-PM मोदी बोले कि MSP में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ हमने खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है।

-PM मोदी बोले कि MSP में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ हमने खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है।

-PM मोदी बोले कि MSP में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ हमने खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। रबी सीजन में 430 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है।

-पीएम ने कहा, किसानों को पानी की सुरक्षा देने के लिए हमने सिंचाई परियोजनाएं शुरू कीं, दशकों से लटकी करीब-करीब 100 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का अभियान चलाया।

-प्रधानमंत्री मोदी बोले, ‘हाल के वर्षों में अलग-अलग फसलों की 1300 से अधिक बीज की विविधताएं तैयार की गई हैं, इसी श्रृंखला में आज 35 और फसल किस्मों को किसानों के चरणों में समर्पित कर रहे हैं।’

-पीएम मोदी ने कहा, ‘बीते 6-7 सालों में साइंस और टेक्नालाजी को खेती से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से बदलते हुए मौसम में, नई परिस्थितियों के अनुकूल, अधिक पोषण युक्त बीजों पर हमारा फोकस बहुत अधिक है।’

-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कृषि और विज्ञान के तालमेल का लगातार बढ़ते रहना 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत जरूरी है। इसी से जुड़ा एक और कदम उठाया जा रहा है, देश के छोटे-छोटे किसानों की जिंदगी में बदलाव की आशा के साथ ये बहुत बड़ी सौगात मैं मेरे देश के किसानों के चरणों में समर्पित कर रहा हूं।’

बता दें कि फसलों की ये विशेष किस्में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने विकसित की हैं। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और कुपोषण की दोहरी चुनौतियों से निपटना है। इस अखिल भारतीय कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के संस्थान, राज्य और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र मिलकर कर रहे हैं

इसका उद्देश्य किसानों के सामने अधिक कमाई वाली फसलों के विकल्प उपलब्ध करवाने के साथ ही जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए जन जागरूकता पैदा करना भी है। इसी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रीय जैविक संस्थान, रायपुर के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस अवसर पर पीएम मोदी किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। साथ ही कृषि विश्वविद्यालयों को ग्रीन कैंपस अवार्ड भी वितरित करेंग

क्या है विशेष किस्म वाली 35 फसलें की विशेषताएं?

पीएम मोदी द्वारा पेश की गई 35 नई फसलों की वैराएटी की बात करें तो, इस लिस्ट में चने की ऐसी फसल भी रहने वाली है जो आसानी से सूखे की मार झेल सकती है। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता वाला चावल भी तैयार किया गया है। अरहर की पैदावार बढ़़ाने के लिए रोग प्रतिरोधी फसल को भी शामिल किया गया है। जल्दी पकने वाली किस्म और रोग प्रतिरोधक क्षमता वाला चावल भी विकसित किया गया है। इसके अलावा बाजरा, मक्का, कुट्टू जैसी फसलों की अलग वैरायटी भी देश को आज मिलने जा रही है।

Related Articles

Back to top button