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अफगानिस्तान के नांगरहार में 50 आइएस आतंकियों ने किया सरेंडर, हेरात में 17 लोगों की मौत

काबुल। इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकी समूह के 50 सदस्यों ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में तालिबान के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। प्रांतीय खुफिया कार्यालय के प्रमुख मोहम्मद नसीम ने संवाददाताओं से कहा कि आईएस समूह ने हथियार डाल दिया है और नंगरहार में आत्मसमर्पण कर दिया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादी नांगरहार के कुज कुनार और हस्का मीना जिलों में सक्रिय थे, जो आईएस आतंकवादियों का गढ़ है। अधिकारी ने यह नहीं बताया कि आतंकवादी अपने साथ हथियार लाए हैं या नहीं। देश के पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र में तालिबान सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों पर सैन्य दबाव के बीच यह घटना हुई। आईएस के आतंकवादियों की तरफ से अब तक इसपर कोई जवाब नहीं आया है।

आतंकी समूह की खुरासान शाखा (आइएस-के) ने इस महीने की शुरुआत में कुंदुज और कंधार प्रांत में दो शिया मस्जिदों में बम विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने के बाद यह घटना हुई है। कंधार शहर की मस्जिद में 15 अक्टूबर को हुए हमले में 63 लोग मारे गए, जबकि बम विस्फोट कुंदुज ने कम से कम 50 लोगों के जीवन का दावा किया। दोनों हमलों में कई सैकड़ों लोग घायल भी हुए। 16 अक्टूबर को, आईएस ने घोषणा की कि वे शिया मुसलमानों पर हर जगह उनके घरों और केंद्र में हमला करेंगे। आईएस-के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान सरकार के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रहा है

वहीं, स्पुतनिक ने एक स्थानीय अस्पताल के हवाले से बताया कि पश्चिमी अफगान प्रांत हेरात में तालिबान लड़ाकों और हथियारबंद लोगों के एक समूह के बीच संघर्ष में एक दर्जन से अधिक लोग मारे गए हैं। स्पुतनिक ने सूत्र के हवाले से कहा कि सात बच्चों, तीन महिलाओं और सात पुरुषों सहित 17 लोगों के शवों को हेरात प्रांत के एक अस्पताल में ले जाया गया। उन सभी की मौत गोली लगने से हुई है।

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