ब्रेकिंग
भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस ; पारदर्शी शासन की पहचान बनी मान सरकार ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच
देश

पॉलिसी का 37.5 करोड़ लेने के लिए शख्स ने अपनी ही मौत का रचा ड्रामा, बेसहारा व्‍यक्ति को कोबरा से डसवाया

मुंबई-  पैसों की लालच में एक शख्स ने बेसहारा व्‍यक्ति को कोबरा से डसवाकर मार डाला। यह  चौंकाने वाली घटना महाराष्‍ट्र के अहमदनगर में सामने आई है। यहां रह रहे एक 54 साल के व्‍यक्ति ने खुद की बीमा राशि पाने के लिए अपनी ही मौत का ड्रामा रच एक बेसहारा व्‍यक्ति की जान ले ली, दरअसल, उसे कोबरा से डसवाकर मार डाला।

अमेरिका की इंश्‍योरेंस कंपनी में चल रही पॉलिसी का 37.5 करोड़ रुपए लेने के लिए इस शख्स ने यह सारी गेम खेली। लेकिन उसकी इस साजिश का भंडाफोड़ तब हुआ जब इंश्‍योरेंस कंपनी के अफसरों ने पुलिस से मामले में जानकारी जुटाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसके 4 साथियों को पकड़ लिया है।

पुलिस के मुताबिक प्रभाकर भीमाजी वाघचौरे नाम का व्‍यक्ति 20 साल से अमेरिका में रह रहा था। वह जनवरी में भारत लौटने के बाद महाराष्‍ट्र के अहमदनगर जिले के राजूर गांव में रहने लगा था। 22 अप्रैल को अहमदनगर के राजूर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को स्थानीय सरकारी अस्पताल से वाघचौरे की मौत के बारे में एक रिपोर्ट मिली थी।

दरअसल, जब एक पुलिस कांस्टेबल अस्पताल गया तो एक व्यक्ति ने खुद को वाघचौरे का भतीजा बताया और प्रवीण नाम के इस व्‍यक्ति ने शव की पहचान वाघचौरे के रूप में की। राजूर निवासी हर्षद लाहमगे नाम के एक व्‍यक्ति ने भी शव को वाघचौरे के रूप में पहचाना। पुलिस ने प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए भतीजे प्रवीण को सौंप दिया। इस रिपोर्ट में मौत का कारण सांप का डसना बताया गया था।

इस पूरी साजिश का खुलासा तब हुआ, जब वाघचौरे के जीवन बीमा दावे की जांच कर रही बीमा कंपनी के अधिकारियों ने अहमदनगर के पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर उसकी मौत के बारे में अधिक जानकारी मांगी। जांच के तहत पुलिस शुरुआत में राजूर में वाघचौरे के घर पहुंची, एक पड़ोसी ने कहा कि उसने सांप के डसने जैसी घटना के बारे में नहीं सुना था, लेकिन कथित घटना के समय घर में एक एम्बुलेंस को आते देखा था। जब पुलिस ने लाहमगे से संपर्क किया तो उसने दावा किया कि प्रवीण की मौत कोविड से हुई है।

ऐसे में जब पुलिस ने आगे की जांच की तो वाघचौरे के कॉल रिकॉर्ड को देखना शुरू किया। जिसमें पता चला कि न केवल वह जीवित था, बल्कि उसने खुद को अस्पताल में प्रवीण के रूप में पेश किया था, इसके तुरंत बाद वाघचौरे को हिरासत में ले लिया गया।

Related Articles

Back to top button